• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

कैग रिपोर्ट ने खड़े किए सवालः नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में 84 प्रतिशत काम एक ही ठेकेदार को

CG News: छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक उपक्रमों और स्मार्ट सिटी मिशन की कार्यप्रणाली पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट ने गंभीर सवाल ख...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: manoj dubey
Publish Date: Thu, 18 Dec 2025 12:28:21 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Dec 2025 12:30:48 PM (IST)
कैग रिपोर्ट ने खड़े किए सवालः नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में 84 प्रतिशत काम एक ही ठेकेदार को
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में 84 प्रतिशत काम एक ही ठेकेदार को।

HighLights

  1. नवा रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर चिंता जताई
  2. कमजोर गवर्नेंस, वित्तीय अनुशासन, परियोजनाओं में देरी
  3. निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और कार्य गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए

राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर। छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक उपक्रमों और स्मार्ट सिटी मिशन की कार्यप्रणाली पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

16 दिसंबर को विधानसभा में पेश ऑडिट रिपोर्ट में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) सहित कई उपक्रमों में कमजोर गवर्नेंस, वित्तीय अनुशासन की कमी और परियोजनाओं में देरी उजागर हुई है।

नवा रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर विशेष चिंता जताई

कैग ने नवा रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर विशेष चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार प्रतिबंधात्मक निविदा शर्तों के चलते प्रतिस्पर्धा सीमित रही और करीब 84 प्रतिशत कार्य एक ही ठेकेदार को सौंप दिए गए।

इससे पारदर्शिता, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और कार्य गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं। कैग ने घाटे में चल रहे उपक्रमों की त्वरित समीक्षा, खातों के समयबद्ध अंतिमकरण, कॉरपोरेट गवर्नेंस के सख्त पालन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में पूर्णकालिक नेतृत्व व मजबूत निगरानी तंत्र लागू करने की सिफारिश की है।

स्मार्ट सिटी मिशन में सुस्ती

रायपुर, बिलासपुर और नवा रायपुर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 9,627 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई थीं। इसके मुकाबले 2016-17 से 2022-23 के बीच केवल 2,644 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी हुए, जो कुल स्वीकृत लागत का मात्र 27 प्रतिशत है।


मार्च 2023 तक इनमें से भी सिर्फ 62 प्रतिशत कार्य पूरे हो सके और वास्तविक व्यय 1,213 करोड़ रुपये ही हुआ। कैग के अनुसार कार्यादेश जारी करने में देरी, समय पर स्थल उपलब्ध न कराना, बार-बार डिजाइन और कार्यक्षेत्र में बदलाव तथा कमजोर अनुबंध प्रबंधन के कारण परियोजनाओं की गति धीमी रही। इसके चलते केंद्र सरकार के अनुदान में कटौती हुई और राज्य के हिस्से के फंड में भी कमी आई।

यह भी पढ़ें- CG News: जमीन लेकर भी नहीं लगाया उद्योग, 240 उद्यमियों का भूखंड आवंटन रद

निगरानी तंत्र रहा निष्क्रिय

ऑडिट में सामने आया कि स्मार्ट सिटी मिशन की निगरानी के लिए गठित राज्य स्तरीय उच्चाधिकार समिति ने स्वीकृति के बाद नियमित समीक्षा नहीं की। स्मार्ट सिटी सलाहकार मंच की बैठकें समय पर नहीं हुईं और किसी भी विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) में पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई।

तृतीय-पक्ष निगरानी भी प्रभावी नहीं पाई गई। सार्वजनिक उपक्रमों की वित्तीय स्थिति कमजोर मार्च 2023 तक राज्य में 28 सार्वजनिक उपक्रम(पीएसयू) थे, जिनमें से 26 कार्यरत रहे। सरकार का इन पर 7,579 करोड़ रुपये का निवेश है। जहां 10 उपक्रम लाभ में रहे, वहीं सात को 1,143 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। पांच बड़े उपक्रमों का संचयी घाटा 10,252 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।