
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर : राज्योत्सव की तैयारियों के बीच शुरू हुआ पटवारियों का आंदोलन अब प्रशासन और राजस्व अमले के बीच टकराव की स्थिति में पहुंच गया है। राज्योत्सव स्थल तूता के सामने धरने पर बैठे पटवारियों को आयोजन की तैयारियों के चलते वहां से हटा दिया गया, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ।
पटवारी अब रिंग रोड नल घर के पास हनुमान मंदिर के पास बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। इधर, लगातार काम बंद रहने से राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने भी अब आंदोलनकारी पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
रायपुर जिले के 28 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पटवारी 13 अक्टूबर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। शुरुआत में तूता धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे पटवारियों को राज्योत्सव के आयोजन के मद्देनजर वहां से हटाया गया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने भाठागांव हनुमान मंदिर के पास अपना धरना जारी रखा है।
आंदोलन के बीच अभनपुर तहसील प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कार्यालय तहसीलदार अभनपुर से दो नवंबर को जारी कारण बताओ नोटिस में संबंधित पटवारियों को कहा है कि उनकी अनुपस्थिति से शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
नोटिस के जरिये संबंधित पटवारियों को दो दिन के भीतर स्वयं उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
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एक तरफ पटवारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने अनुपस्थिति को आधार बनाकर कार्रवाई का रास्ता अपनाया है। अब नजर इस बात पर है कि पटवारी नोटिस का क्या जवाब देते हैं और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है। फिलहाल राज्योत्सव के लिए धरना स्थल बदलने के बावजूद पटवारियों का आंदोलन जारी है और राजस्व कामकाज प्रभावित हो रहा है।