• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CG Tendu Patta Scam: राजनांदगांव और बीजापुर में 5.13 करोड़ का घोटाला, माओवादी फंडिंग का भी आरोप

रायुपर के आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में बीजापुर और राजनांदगांव जिलों में तेंदूपत्ता संग्रहण में घोटालों को लेकर शिकायत दर्...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sat, 26 Jul 2025 09:58:32 AM (IST)Updated Date: Sat, 26 Jul 2025 10:02:11 AM (IST)
CG Tendu Patta Scam: राजनांदगांव और बीजापुर में 5.13 करोड़ का घोटाला, माओवादी फंडिंग का भी आरोप
5.13 करोड़ का तेंदू पत्ता घोटाला

HighLights

  1. राजनांदगांव और बीजापुर में तेंदू पत्ता घोटाला
  2. EOW और ACB में दर्ज भ्रष्टाचार की शिकायत
  3. इन पैसों का उपयोग माओवादी फंडिंग में भी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर और राजनांदगांव जिलों में तेंदूपत्ता संग्रहण में घोटाला होने की शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से की गई है। शिकायतकर्ता रायपुर निवासी विवेक कुमार सिंह के अनुसार इस घोटाले से राज्य सरकार को 5.13 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है।

शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2022 में राजनांदगांव निवासी ठेकेदार सुधीर कुमार मानेक को बीजापुर के भैरमगढ़ क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण का ठेका मिला था। उन्हें 1300 मानक बोरे तेंदूपत्ता 7,299 रुपये प्रति बोरे की दर से संग्रह करना था, लेकिन उन्होंने 4,997.54 मानक बोरे संग्रह किए। इनमें से 1476.36 बोरे कथित रूप से भैरमगढ़ अभयारण्य क्षेत्र से अवैध रूप से एकत्र किए गए।


इससे सरकार को लगभग 3.64 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अतिरिक्त, संग्रहण कार्य में लगे मजदूरों और ट्रांसपोर्टरों को अब तक भुगतान नहीं किया गया है।राजनांदगांव में इस घोटाले का दूसरा हिस्सा सामने आया है, जिसमें मानेक द्वारा भैरमगढ़ से लाए गए 7,348 बोरों में से 2,669 बोर गुरुकृपा गोदाम में जमा किए गए और रिकार्ड में हेराफेरी कर 93.34 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

माओवादी फंडिंग का भी आरोप

इस मामले में 19 जून 2025 को राजनांदगांव कोतवाली में ठगी,आपराधिक विश्वासघात और साजिश की एफआइआर दर्ज की गई है। बीजापुर के आठ गांवों के आदिवासी संग्राहकों को अब तक 44.79 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। शिकायत में माओवादी फंडिंग का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।

डीएफओ को भारी पड़ गया सूचना आयोग के आदेश की अवहेलना करना

सूचना आयोग के आदेश की अवहेलना करना खैरागढ़ वनमंडल में पदस्थ डीएफओ पंकज राजपूत को भारी पड़ गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही का नोटिस जारी किया है। उन्हें 15 दिवस में जवाब देने के लिए कहा गया है।

यह मामला जनवरी 2020 का है।वन्य जीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने महासमुंद वनमंडल से हाथियों द्वारा जन-धन हानि से संबंधित दस्तावेज मांगे थे। उस समय के जन सूचना अधिकारी मयंक पांडेय ने सिंघवी को अवलोकन के लिए बुलाया। सूचना आयोग ने इस पर आपत्ति जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि दस्तावेज निशुल्क भेजे जाएं।

यह भी पढ़ें: प्रेम-प्रसंग को लेकर बचपन के दोस्त को मारा चाकू, फिर पत्थर से सिर कुचलकर कर दी हत्या, दो गिरफ्तार

बाद में डीएफओ पंकज राजपूत महासमुंद में पदस्थ हुए और उन्होंने उच्च न्यायालय में अपील की प्रक्रियाकी जानकारी दी, परंतु आयोग के बार-बार निर्देश के बावजूद स्थगन आदेश प्रस्तुत नहीं किया। इसके चलते आयोग ने तीन अगस्त 2022 में शासन को उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की।

2025 में सूचना आयोग को ज्ञात हुआ कि आदेश के तीन साल बाद भी कार्रवाई लंबित है। तब मंत्रालय ने 11 जुलाई 2025 को डीएफओ पंकज राजपूत को कारण बताओ नोटिस जारी कर लापरवाही को अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 का उल्लंघन बताया है।