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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पास 7,000 करोड़ की संपत्ति, फिर भी कामकाज सरकारी अनुदान के भरोसे

छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का उचित बाजार भाव से किराया नहीं मिल पाने के कारण बोर्ड को कामकाज के संचालन के लिए सरकार की ओर से मिलने वाले अन...और पढ़ें

By Manish MishraEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sun, 28 Sep 2025 08:44:55 AM (IST)Updated Date: Sun, 28 Sep 2025 08:54:05 AM (IST)
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पास 7,000 करोड़ की संपत्ति, फिर भी कामकाज सरकारी अनुदान के भरोसे

HighLights

  1. वक्फ बोर्ड के संपत्तियों से सलाना 200 करोड़ की कमाई होना चाहिए
  2. वक्फ बोर्ड के पास अभी एक करोड़ भी नहीं आ रहा सालाना किराया
  3. प्रदेश में बोर्ड की संपत्तियों की लोगों ने फर्जी रजिस्ट्रियां भी करवा ली है

मनीष मिश्रा, नईदुनिया, रायपुर : प्रदेश में वक्फ बोर्ड की लगभग सात हजार करोड़ की संपत्ति है। फिर भी संचालन के लिए पैसा नहीं है। सरकार की तरफ से मिलने वाली अनुदान (खैरात) के भरोस हैं। वक्फ बोर्ड के अनुसार प्रचलित बाजार दर के अनुसार इन संपत्तियों से सलाना 200 करोड़ की कमाई होना चाहिए, लेकिन बोर्ड अभी एक करोड़ भी नहीं कमा पा रहा है।

बोर्ड का कामकाज सरकार से मिलने वाले सवा करोड़ रुपये के अनुदान के भरोस है। बोर्ड अपनी आय बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रहा है। यही वजह है बोर्ड की संपत्तियों में कई पीढ़ियों से काबिज लोगों से उचित पैसा लेना चाहता है। लेकिन लोग पैसा देना नहीं चाहते हैं। इसी कारण से बोर्ड 480 कब्जाधारियों को अंतिम नोटिस दिया है। इसका जवाब नहीं मिलने पर बोर्ड वक्फ ट्रिब्यूनल में जाने की तैयारी में है।


वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का किराया बढ़ाया

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि प्रदेश में बोर्ड के पास लगभग सात हजार करोड़ की संपत्ति है। इतनी संपत्ति होने का बोर्ड कोई लाभ नहीं हो रहा है। बजट नहीं होने के कारण बोर्ड अपने उद्देश्यों को भी पूरा नहीं कर पा रहा है। हमने अपनी सभी संपत्तियों का किराये पर संशोधन किया है। वक्फ की संपत्तियों का किराया अभी भी दो से पांच सौ रुपये के बीच में हैं। जो बाजारा भाव से बहुत कम है। वहीं पर निजी दुकानों का किराया 50 हजार रुपये तक है।

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वक्फ की संपत्तियों को लेकर किराए पर दिया

वक्फ की संपत्तियों का किराया बहुत कम है। इसकी वजह से जिन लोगों का बोर्ड की संपत्तियों में कई पीढ़ियाें से कब्जा है, वह छोड़ना नहीं चाहता है। वो खुद व्यवसाय नहीं कर रहे हैं तो उसे दूसरे को किराया में दे रखा है। हमे जानकारी मिली है कि हमसे पांच हजार रुपये में दुकान लेकर 35 हजार में किराया पर दे दिया है।

बोर्ड की संपत्तियों की हुई फर्जी रजिस्ट्रियां

प्रदेश में बोर्ड की संपत्तियों की लोगों ने फर्जी रजिस्ट्रियां भी करवा ली है। बोर्ड के कानून के मुताबिक संपत्तियों को बेचा नहीं जा सकता है। दान में मिली संपत्तियों का सिर्फ समाज सेवा और किराया देकर उपयोग कर सकते हैं। प्रदेश में पांच सौ से अधिक संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री की जानकारी है। फर्जी रजिस्ट्री रद करने के लिए पंजीयक को पत्र लिखा है। ये संपत्ति अलग-अलग शहरों के प्राइम लोकेशन में हैं, जिनकी कीमत करोड़ो में हैं।

वक्फ बोर्ड के पास संपत्ति बहुत है। अपनी संपत्तियों का किराया बढ़ाए हैं, फिर भी बाजार भाव से बहुत कम है। हम आय बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। जिससे स्कूल, अस्पताल बना सकें। समाज के लोगों के उत्थान के लिए काम कर सके।

-डॉ. सलीम राज, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड