
रायपुर। राज्य ब्यूरो। विधानसभा चुनाव से पहले घोषित कांग्रेस वर्किंग कमेटी में मंत्री ताम्रध्वज साहू को शामिल करके कांग्रेस ने ओबीसी वोटरों को साधने की कोशिश की है। इसके साथ ही महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम को स्थाई सदस्य के रूप में शामिल करके पार्टी ने बड़ा दांव खेला है।
राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो कांग्रेस ओबीसी और आदिवासी वोटरों को अपने पाले में करना चाहती है। विधानसभा में आदिवासी वर्ग के लिए 29 सीट आरक्षित है, जबकि करीब 32 विधानसभा सीट पर आदिवासी जीत-हार में निर्णायक भूमिका अदा करते हैं।
वैसे ही ओबीसी वर्ग का प्रदेश प्रदेश की आधी विधानसभा सीट पर साफ-साफ देखा जाता है। ताम्रध्वज साहू के बहाने कांग्रेस साहू वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कुर्मी समाज से आते हैं। ऐसे में ओबीसी वोट का ध्रुवीकरण करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि ताम्रध्वज साहू पार्टी का वो ओबीसी चेहरा हैं, जिन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी लहर के बाद भी दुर्ग लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी। पिछले चुनाव में ताम्रध्वज का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में भी शामिल था।
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यही नहीं, ताम्रध्वज एआइसीसी ओबीसी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव के साथ-साथ लोकसभा चुनाव का समीकरण भी साधने की कोशिश कर रही है। बस्तर लोकसभा सीट पर वर्तमान में कांग्रेस के सांसद हैं। फूलोदेवी कांकेर लोकसभा क्षेत्र से आती है। पिछले चुनाव में कांकेर से कांग्रेस उम्मीदवार की बहुत कम अंतर से हार हुई थी।