
रायपुर (निप्र)। भीषण आग, बाढ़, सूखा, तूफान व महामारी-जैसी आपदाओं से निपटने के लिए अब छत्तीसगढ़ में आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना की जाएगी। इस संस्थान में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने सभी तरह की सुविधा व संसाधन होंगे। साथ ही इसमें आपदा प्रबंधन (डिजास्टर मैनेजमेंट) की पढ़ाई व प्रशिक्षण की सुविधा होगी।
उच्च शिक्षा व आपदा प्रबंधन मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने नईदुनिया को बताया कि राज्य में आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनके मुताबिक प्रदेश में प्रदेश में आपातकालीन व प्राकृतिक आपदाओं से निपटने संसाधनों व प्रशिक्षित लोगों की भारी कमी है। इसकी वजह से प्रदेश में अचानक आने वाली आपदाओं की पूर्व सूचना व चेतावनी नहीं मिल पाती। इसके कारण बचाव, राहत, पुनर्वास आदि के साधन जुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वर्तमान युग में आपदा प्रबंधन बहुत जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि आपदा (डिजास्टर) एक ऐसी असामान्य घटना है, जो सीमित अवधि के लिए आती है, लेकिन किसी भूभाग या देश की अर्थव्यवस्था को छिन्न-भिन्न कर देती है। अव्यवस्थित तंत्र के बल पर आपदाओं का सामना नहीं किया जा सकता। प्रदेशभर में छोटी और बड़ी आपदाएं आती रहती हैं और इनमें जान-माल की बड़े पैमाने पर हानि भी होती रहती है।
देश में आपदा प्रबंधन का एक अलग से प्राधिकरण केंद्र सरकार के स्तर पर विकसित किया गया है। इसी की शाखाएं तमाम राज्यों और बड़े शहरों के स्तर पर भी अस्तित्व में आ रही हैं। इस कार्य के लिए पर्याप्त धनराशि का भी प्रावधान है और ट्रेंड लोगों की भी नियुक्तियां की जा रही हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में अभी तक इसकी कोई शाखा नहीं है।
संस्थान में इस तरह की ट्रेनिंग
- आपदा के कुप्रभाव को कम से कम करने पर ध्यान देना।
- आपदाग्रस्त लोगों को तुरंत बचाव एवं राहत की व्यवस्था करना।
- प्रभावित लोगों की पुनर्स्थापना या पुनर्वास की व्यवस्था करना।
- ऐसी भावी आपदाओं से समय रहते कैसे निपटा जाए, इसकी रणनीति बनाना।
- कम समय में एक्शन लेने की कार्ययोजना बनाना।
- उपलब्ध संसाधनों का कुशल प्रबंधन।
डिजास्टर मैनेजमेंट में कॅरियर
बारहवीं पास से लेकर ग्रेजुएट युवा इस क्षेत्र में कॅरियर निर्माण कर सकते हैं। इसमें समाज कल्याण के साथ आत्मसंतुष्टि और कॅरियर ग्राफ को भी साथ-साथ बढ़ाया जा सकता है। इसमें रोजगार के अवसर सरकारी विभागों, बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों (केमिकल, माइनिंग, पेट्रोलियम व स्टील), बाढ़ नियंत्रण प्रभागों, एनजीओ तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंटरनेशनल रेडक्रॉस, यूएनओ सरीखे संगठनों तक में मिल सकते हैं।
अभी यहां है डिजास्टर मैनेजमेंट संस्थान
देशभर में कुछ चुनिंदा आपदा प्रबंधन संस्थान है, जहां डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई हो रही है। प्रमुख संस्थानों में डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट (भोपाल), डिजास्टर मिटिगेशन इंस्टिट्यूट (अहमदाबाद), सेंटर फार डिजास्टर मैनेजमेंट (पुणे), नेशनल इन्फार्मेशन सेंटर ऑफ अर्थ के इंजीनियर आईआईटी (कानपुर) का नाम लिया जा सकता है।
भीषण आग, बाढ़ सहित किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए अभी हमारे पास प्रशिक्षित लोगों व संसाधनों का अभाव है। इसकी जरूरत को देखते हुए, प्रदेश में जल्द ही आपदा प्रबंधन संस्थान बनाएं जाएंगे, जहां पर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने सभी तरह की सुविधाएं होंगी। साथ ही इस संस्थान में डिजास्टर मैनेजमेंट का ट्रेनिंग और पढ़ाई की भी सुविधा रहेगी। -प्रेमप्रकाश पांडेय मंत्री, उच्च शिक्षा एवं आपदा प्रबंधन