रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। दशहरा के अवसर परमौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। विभाग का मानना है कि विजयादशमी के दिन शहर में बारिश हो सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो बारिश के लिए सिस्टम भी सक्रिय हो गया है। मंगलवार को राजधानी समेत प्रदेशभर में बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। साथ ही मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ छीटे पड़ने की संभावना है। रायपुर में स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और दोपहर बाद शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। ऐसे में रावण दहन भी बाधित हो सकता है। कई इलाकों में आने वाले समय में 24 घंटे में हल्की से मध्यम बारिश होगी।

अंबिकापुर में हुई जबरदस्त बारिश

सक्रिय सिस्टम की वजह से सोमवार को अंबिकापुर में 37.8 मिली मीटर बारिश हुई। माना एयरपोर्ट में 4.5 मिमी और रायपुर में खंड बारिश होने से लालपुर मौसम केंद्र में बारिश का डाटा रिकार्ड नहीं हो पाया है। एक दिन पहले रायपुर में 7.2 मिमी बारिश हुई थी, फिर सिस्टम बन रहा है।

इसलिए होगी बरसात

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि अंदरूनी ओड़िशा के ऊपर तीन चक्रीय चक्रवात का घेरा है, जिसकी उंचाई क्रमाशः 0.9 किलोमीटर, 3.1 और 5.8 किमी है। यहां से एक द्रोणिका, जो कि दक्षिण छत्तीसगढ़ से कर्नाटक तक फैली हुई थी। अभी यह ओड़िशा से अंदरूनी ओडिशा , छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक गुजर रही है। जिसकी ऊचाई 0.9 किलोमीटर है, इसके चलते दक्षिणी छत्तीसगढ़ में बारिश होगी।

रावण जिसे अहंकार और बुराइयों का प्रतीक माना जाता है और नौ दिन की नवरात्रि के बाद दसवें दिन यानि दशहर के दिन भगवान श्रीराम इसका वध करते है। दशहरा को बुराई पर अच्छाइयों की जीत मानते है और हर कोई इसे पुरे उल्लास के साथ मनाता है। लेकिन इस समाचार में हम आपको बता रहे है कि इस रावण की ही बदौलत सैकड़ों की दीवाली रोशन होती है।

दशहरे से जुड़ी खास बात

रावण पुतला बनाने वाले रमेश कुमार के अनुसार अकेले राजधानी और इससे आसपास लगे क्षेत्रों में अनुमानित रूप से देखा जाए तो इस साल करीब 250 से अधिक पुतलों की बिक्री हो गई है और इनके दाम भी इनके साइज के अनुसार अलग-अलग होते हैं। छोटे-बड़े इन 250 से अधिक पुतलों के साथ ही कुछ क्षेत्रों में और बड़े आकार के रावण पुतले बनवाए जाते हैं और बड़ा आयोजन होता है। इन पुतलों में लोगों की डिमांड के अनुसार पटाखे भी डाले जाते हैं और उनके साथ ही उसी स्तर पर आयोजन भी होता है।

500 रुपये से शुरू हो जाते हैं पुतले

रावण के यह छोटे-छोटे पुतले 500 रुपये से शुरू हो जाते हैं। इनमें बांस के साथ ही पैरा, पेपर आदि डालने के साथ पटाखे भरे जाते हैं। इनके साइज और पटाखों की डिमांड के अनुसार पुतलों के दाम बढ़ते जाते हैं।

यहां भी है कारोबार में बढ़ोतरी

रावण दहन के इन बड़े आयोजनों में वहां आने वाले लोगों के लिए नाश्ते के अलग-अलग स्टॉलों के अलावा बच्चों के खिलौनों सहित अन्य बहुत सी चीजों की बिक्री के भी कारोबारी रहते हैं। रावण दहन के दिन इनके कारोबार में भी जबरदस्त उछाल होती है।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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