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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

82 लाख रुपए का किया गबन, एचडीएफसी बैंक का पूर्व ब्रांच ऑपरेशन मैनेजर गिरफ्तार

बैंक के ऑपरेशन मैनेजर नितिन देवांगन ने 2020 से 23 के बीच छह खाता धारकों के बैंक चेक का कूटरचित तरीके से उपयोग कर उनके माध्यम से अपने अलग खातों में 82....और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Fri, 21 Mar 2025 12:39:05 PM (IST)Updated Date: Fri, 21 Mar 2025 12:39:05 PM (IST)
82 लाख रुपए का किया गबन, एचडीएफसी बैंक का पूर्व ब्रांच ऑपरेशन मैनेजर गिरफ्तार
एचडीएफसी बैंक के ब्रांच मैनेजर रविस साह ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

HighLights

  1. आरोपी ने ग्राहक की चेकबुक चोरी की रिक्वेस्ट डालकर बैंक में मंगाई थी नई चेक।
  2. ग्राहक के खाते से आरोपी ने अपने खाते में फर्जी तरीके से पैसों का किया ट्रांसफर।
  3. कोरोना काल में किस्त अनियमित होने पर नीलाम की ज्वेलरी, बैंक अफसरों पर केस।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। देवेंद्र नगर थाना पुलिस ने एचडीएफसी बैंक के पूर्व ऑपरेशन मैनेजर नितिन देवांगन को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक अन्य मामले में कोरोना काल में किस्त अनियमित होने पर आईसीआईसीआई बैंक के एक ग्राहक की ज्वैलरी नीलाम करने के आरोप में बैंक अफसरों पर केस दर्ज किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक के पूर्व ऑपरेशन मैनेजर देवांगन ने 2020 से 23 तक अपने कार्यकाल के दौरान छह खाता धारकों को बगैर सूचना दिए चेक के माध्यम से 82.83 लाख रुपए का गबन किया था।


मामले में ब्रांच मैनेजर रविस साह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह एचडीएफसी बैंक के देवेंद्र नगर शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद पर 2024 से कार्यरत हैं। पूर्व में बैंक के ऑपरेशन मैनेजर नितिन देवांगन ने 2020 से 23 के बीच छह खाता धारकों के बैंक चेक का कूटरचित तरीके से उपयोग कर उनके माध्यम से अपने अलग खातों में 82.83 लाख रुपए का आहरण निजी उपयोग के लिए किया था।

बैंकिंग प्रक्रिया का उल्लंघन करना पाया गया

इस संबंध में ग्राहकों द्वारा बैंक में शिकायत मिलने पर जांच पड़ताल की गई। इसमें नितिन देवांगन ने शिव कुमार अग्रवाल के खाते की चेक बुक चोरी करने की रिक्वेस्ट कराई और नई चेक बुक शाखा में मंगवाई। इसी चेक बुक से नितिन ने ट्रांजेक्शन किया था।

चेक बुक संबंधित कोई भी एंट्री बैक के सिस्टम में जानबूझकर नहीं दिखाई गई। ग्राहक शिव कुमार अग्रवाल और अन्य पांच खातों की राशि हेराफेरी की और बैंकिग प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया।

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किस्त अनियमित होने पर नीलाम की ज्वैलरी

उधर, एक अन्य मामले में सिविल लाइन पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारियों के खिलाफ गबन का मामला दर्ज किया है। गोल्ड लोन के बदले बंधक रखे गए गहने बैंक ने नीलाम किए थे। गहनों की कीमत 17 लाख 21 हजार 681 रुपये थी।

देवेंद्रनगर के रहने वाले अंकित अग्रवाल ने कोर्ट में आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के गोल्ड लोन विभाग, शाखा सिविल लाइन रायपुर और बैंक के उच्च अधिकारियों के खिलाफ परिवाद दायर किया था। अंकित ने 28 जनवरी 2024 को बैंक से परिवार के सोने और हीरे के गहने गिरवी रख कर लोन लिया था।

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कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर

कोरोना काल के दौरान वे किस्त का भुगतान नहीं कर पाए थे। अंकित ने जुलाई 2021 में बैंक से फोन के माध्यम से सूचना मिलने के बाद किस्त का भुगतान कर दिया था। बावजूद इसके बैंक ने उन्हें उनकी बंधक ज्वेलरी की नीलामी के बारे में कोई सूचना नहीं दी।

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सितंबर 2021 में अंकित को यह पता चला कि उनकी ज्वेलरी को नीलाम कर दिया गया था। उन्होंने बैंक और पुलिस से शिकायत की, कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उन्होंने कोर्ट में परिवाद दायर किया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामले में एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताता चलें कि नियमानुसार तीन या उससे अधिक किस्त का भुगतान नहीं होने के बाद नीलामी हो सकती है।