
CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित आबकारी घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एफ एल 10 लाइसेंसी कंपनी नेक्सीजन इजी टेक प्राइवेट लिमिटेड के तीन प्रमुख लोगों अभिषेक सिंह, मनीष मिश्रा और संजय मिश्रा को गिरफ्तार किया है।
जांच पर तथ्य सामने आया है कि साल 2020-21 में विदेशी शराब पर कमीशन उगाही की मंशा से आबकारी सिंडिकेट के भरोसेमंद 3 कंपनियों को एफएलए-10 लाईसेंस दिया गया था। शराब विनिर्माता कंपनियां पहले इन लाईसेंसी कंपनियों को शराब सप्लाई करती, फिर उस कीमत पर 10 प्रतिशत का मार्जिन जोड़कर यह कंपनियां आबकारी विभाग के सीएसएमसीएल को शराब बेचती थी।
इस प्रकार 10 प्रतिशत का अतिरिक्त लाभ इन लाईसेंसी कंपनियों को हो रहा था। इस लाभ का 60 प्रतिशत हिस्सा सिंडीकेट को जाता था, शेष 40 प्रतिशत हिस्सा लाईसेंसी कंपनियां स्वयं रखती थीं। इस दोषपूर्ण लाईसेंसी व्यवस्था के चलते सरकार के राजस्व में करोड़ों का नुकसान हुआ है।
गिरफ्तार आरोपियों के द्वारा अपने लाभ के हिस्से का 60 प्रतिशत हिस्सा सिंडीकेट के प्रमुख अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा तथा अन्य लोगों तक पहुंचाया जाता था। विदेशी शराब पर कमीशनखोरी की जांच ब्यूरो के द्वारा पृथक से की जा रही है।