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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में EOW-ACB की बड़ी कार्रवाई, तीन लोगों को किया गिरफ्तार

CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित आबकारी घोटाले की जांच कर रही EOW और ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेक्सीजन इजी टेक प्राइवेट लिमिटेड के तीन प्र...और पढ़ें

By Mohan KumarEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Mon, 21 Jul 2025 03:41:37 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Jul 2025 03:41:37 PM (IST)
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में EOW-ACB की बड़ी कार्रवाई, तीन लोगों को किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में EOW-ACB की बड़ी कार्रवाई

CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित आबकारी घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एफ एल 10 लाइसेंसी कंपनी नेक्सीजन इजी टेक प्राइवेट लिमिटेड के तीन प्रमुख लोगों अभिषेक सिंह, मनीष मिश्रा और संजय मिश्रा को गिरफ्तार किया है।

जांच पर तथ्य सामने आया है कि साल 2020-21 में विदेशी शराब पर कमीशन उगाही की मंशा से आबकारी सिंडिकेट के भरोसेमंद 3 कंपनियों को एफएलए-10 लाईसेंस दिया गया था। शराब विनिर्माता कंपनियां पहले इन लाईसेंसी कंपनियों को शराब सप्लाई करती, फिर उस कीमत पर 10 प्रतिशत का मार्जिन जोड़कर यह कंपनियां आबकारी विभाग के सीएसएमसीएल को शराब बेचती थी।


सरकार को हुआ करोड़ों का नुकसान

इस प्रकार 10 प्रतिशत का अतिरिक्त लाभ इन लाईसेंसी कंपनियों को हो रहा था। इस लाभ का 60 प्रतिशत हिस्सा सिंडीकेट को जाता था, शेष 40 प्रतिशत हिस्सा लाईसेंसी कंपनियां स्वयं रखती थीं। इस दोषपूर्ण लाईसेंसी व्यवस्था के चलते सरकार के राजस्व में करोड़ों का नुकसान हुआ है।

गिरफ्तार आरोपियों के द्वारा अपने लाभ के हिस्से का 60 प्रतिशत हिस्सा सिंडीकेट के प्रमुख अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा तथा अन्य लोगों तक पहुंचाया जाता था। विदेशी शराब पर कमीशनखोरी की जांच ब्यूरो के द्वारा पृथक से की जा रही है।