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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रायपुर के मंदिर हसौद टोल नाका पर फास्टैग फेल, जाम में फंस रहे हैं वाहन

फास्टैग शुरू होने से पहले जो स्थिति थी, अमूमन वही स्थिति अब देखने को मिल रही है। ओडिशा हाईवे पर स्थित मंदिर हसौद रायपुर का प्रवेश द्वार है। यहां फास्ट...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Thu, 03 Apr 2025 12:47:41 PM (IST)Updated Date: Thu, 03 Apr 2025 12:47:41 PM (IST)
रायपुर के मंदिर हसौद टोल नाका पर फास्टैग फेल, जाम में फंस रहे हैं वाहन
नाके पर नकदी में टोल टैक्स देता हुआ वाहन चालक।

HighLights

  1. ओडिशा हाईवे पर स्थित मंदिर हसौद टोल प्लाजा।
  2. 60 से अधिक वाहन बिना फास्टैग के हुए यहां से पार।
  3. फास्टैग ब्लैक लिस्ट होने के कारण हो रही परेशानी।

जितेंद्र सिंह दहिया, रायपुर। फास्टैग जब शुरू हुआ, तो कहा जा रहा था टोल नाकों में वाहनों की कतार नहीं लगेगी। गाड़ियों के पहुंचने के बाद कुछ ही सेकेंड में गाड़ियां आगे बढ़ जाएगी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। इसका सबसे बड़ा कारण फास्टैग का फेल होना है।

फास्टैग शुरू होने से पहले जो स्थिति थी, अमूमन वही स्थिति अब देखने को मिल रही है। हम ताजा उदाहरण दे रहे हैं, ओडिशा हाईवे पर स्थित मंदिर हसौद का, जो रायपुर का प्रवेश द्वार भी है। मंगलवार को जब हमने दोपहर 12:45 से 2:55 बजे तक दो घंटे का समय बिताया तो देखा कि दोनों ओर से तकरीबन 1,200 वाहनों की आवाजाही हुई।


इसमें से लगभग 60 से ज्यादा वाहन बिना फास्टैग के क्रॉस हुए। इन वाहनों में फास्टैग नहीं होने या ब्लैक लिस्ट होने के कारण चालकों को नकदी भुगतान करना पड़ा, जिससे दूसरी गाड़ियों की कतार लग गई।

स्कैन करने पर पता चल रहा बैलेंस नहीं है

टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने बताया, कई ट्रकों पर फास्टैग लगे हैं। मगर, स्कैन करने पर पता चल रहा है कि उसमें बैलेंस नहीं है, जिससे टोल टैक्स का भुगतान हो सके। अब वे लाइन में खड़ा होकर ही अपने मालिक को फोन लगा रहे हैं।

वहां से उनका फास्टैग रिचार्ज हो रहा है। उसके बाद वे आगे बढ़ रहे हैं। इस प्रक्रिया में कम से कम 10 मिनट लग रहे हैं। ऐसे में उनके पीछे की गाड़ियों को बिना वजह रुकना पड़ रहा है और जाम की स्थिति बन रही है।

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दोगुना करना होता है भुगतान

राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल नाकों पर फास्टैग नहीं होने पर नकदी में दोगुना भुगतान करना होता है। इसके बाद भी मंदिर हसौद टोल नाका में हर रोज सैंकड़ों वाहन बिना फास्टैग के पहुंच रहे हैं। आरंग और रायपुर के बीच इस टोल नाके से हर रोज औसतन 30 से 32 हजार गाड़ियां गुजरती हैं।

इनमें से जिन गाड़ियों में फास्टैग नहीं है। इसके कारण चालकों को दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। बता दें कि वाहन चालकों द्वारा फास्टैग की केवाईसी नहीं कराने के कारण एचडीएफसी, एसबीआई और बजाज कंपनी के फास्टैग बंद हो गए हैं, जिसकी जानकारी अधिकांश वाहन चालकों को नहीं रहती। ऐसे में केवाईसी नहीं कराने के कारण फास्टैग को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जा रहा है।

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केस-1

हाइवा चालक सत्या जाधव ने बताया कि उनके ट्रक पर पहले से फास्टैग लगा हुआ है। नाके पर स्कैन हुआ, तो पता चला कि वह काम नहीं कर रहा है। यहां उन्होंने गाड़ी को खड़ा कर टोल प्लाजा के पास लगे स्टाल में नया फास्टैग लगवाया और फिर आगे बढ़े।

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केस-2

कार चालक अमित वर्मा ने बताया कि उनके पास फास्टैग होने के बावजूद पिछले टोल नाके पर दोगुना टोल टैक्स देना पड़ा। वहां बताया जा रहा था कि फास्टैग ब्लैक लिस्टेड होने के कारण स्कैन नहीं हो पा रहा है। यहां आने पर वे आसानी से लेन पार कर गए।