
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में टाटीबंध से तेलीबांधा और वीआइपी रोड से अग्रसेन धाम तक लगने वाले जाम से राहत की उम्मीद बढ़ी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के चार प्रमुख चौकों और अटलपथ-एनएच-30 जंक्शन पर पांच ग्रेड सेपरेटर फ्लाईओवर बनाने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है।
करीब 420 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली परियोजना के लिए निर्माण एजेंसी चयन की निविदा प्रक्रिया शुरू हो गई है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी आलोक कुमार के अनुसार, निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिसंबर 2026 में निर्माण शुरू करने का लक्ष्य है।
परियोजना पूरी होने पर इन प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव घटने और वाहन चालकों का समय बचने की उम्मीद है।
तेलीबांधा में प्रस्तावित मुख्य फ्लाईओवर का स्पैन एक किलोमीटर लंबा और 25 मीटर चौड़ा बताया गया है। यह गौरवपथ से शुरू होकर वीआइपी चौक पार करते हुए मैग्नेटो मॉल के आगे उतरेगा। परियोजना विवरण में इसकी कुल लंबाई 580 मीटर भी दर्ज है, इसलिए स्वीकृत नक्शे से वास्तविक लंबाई स्पष्ट करना जरूरी है। अटलपथ-एनएच-30 जंक्शन पर 720 मीटर लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित है। उद्योग भवन और सरोना में 70-70 मीटर तथा अग्रसेन धाम चौक पर 60 मीटर के मुख्य स्पैन की योजना है। इन तीनों स्थानों पर प्रस्तावित चौड़ाई 30 मीटर बताई गई है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने करीब एक साल पहले रायपुर प्रवास के दौरान फ्लाईओवर निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद सर्वेक्षण कर डीपीआर तैयार की गई और करीब छह महीने पहले इसे एनएचएआई मुख्यालय भेजा गया था। अब डीपीआर की मंजूरी के बाद निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई है। दिसंबर में काम शुरू करने का लक्ष्य इसी प्रक्रिया के पूरा होने पर निर्भर करेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर टाटीबंध से तेलीबांधा और आगे वीआइपी रोड व अग्रसेन धाम तक भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जाम लगता है। लंबी कतारों में फंसने से वाहन चालकों को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। फ्लाईओवर बनने से इन मार्गों पर यातायात सुगम होने की उम्मीद है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में लागत के आंकड़े एक समान नहीं हैं। तेलीबांधा फ्लाईओवर की सिविल लागत कहीं 142 करोड़ और कहीं 83 करोड़ रुपये बताई गई है। सरोना और अग्रसेन धाम फ्लाईओवर की लागत 83-83 करोड़ तथा उद्योग भवन की लागत 66 करोड़ रुपये दर्ज है। पांचों परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 420 करोड़ रुपये बताई गई है।
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लंबाई: 1 किलोमीटर
चौड़ाई: 25 मीटर
लागत: 83 करोड़ रुपये
लंबाई: 70 मीटर
चौड़ाई: 30 मीटर
सिविल लागत: 83 करोड़ रुपये
लंबाई: 720 मीटर
चौड़ाई: 25 मीटर
लागत: 92 करोड़ रुपये
लंबाई: 60 मीटर
चौड़ाई: 30 मीटर
लागत: 83 करोड़ रुपये
लंबाई: 70 मीटर
चौड़ाई: 30 मीटर
लागत: 66 करोड़ रुपये