• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

रायपुर में पत्नी से हुआ विवाद तो पति ने 6 महीने की बेटी को दो बार जमीन पर पटका, आईसीयू में भर्ती

रायपुर की सरस्वती नगर पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।

By Akhil Kumar SharmaEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 09:30:03 AM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 09:46:31 AM (IST)
रायपुर में पत्नी से हुआ विवाद तो पति ने 6 महीने की बेटी को दो बार जमीन पर पटका, आईसीयू में भर्ती
पिता के पटकने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। इंसेट में आरोपी आशीष कावरिया।

HighLights

  1. पत्नी से झगड़े के बाद पति ने अचानक बच्ची को नीचे पटक दिया
  2. पत्नी ने जब इसका विरोध किया तो उसने वापस बच्ची को उठाकर पटका
  3. पत्नी के मायके जाने की बात पर पति उससे कर रहा था झगड़ा

नईदुनिया, प्रतिनिधि, रायपुर। कोटा स्थित बीएसयूपी कॉलोनी में पत्नी से विवाद के बाद पिता ने अपनी छह माह की बच्ची को दो बार जमीन पर पटक दिया। बच्ची बेहोश हो गई, जिसके बाद उसे एम्स में भर्ती कराया गया है। बच्ची का आईसीयू में इलाज चल रहा है। मामले में सरस्वती नगर पुलिस अपराध दर्ज किया। पुलिस ने सोमवार को आरोपित पिता आशीष कावरिया (21) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

पुलिस के अनुसार बीएसयूपी कॉलोनी ब्लाक-35 मकान नंबर-01 कोटा निवासी सरगम कावरिया ने बताया कि नौ माह पहले उसने आशीष कावरिया से कोर्ट मैरिज की थी। 14 अक्टूबर की शाम वह समता कालोनी स्थित मायके से अपने घर लौटी थी। रात करीब नौ बजे पति बाहर से आया और मायके जाने की बात को लेकर गाली-गलौज करने लगा।


रात करीब डेढ़ बजे उसने मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान पति ने छह माह की बेटी हिमानी को उठाकर जमीन पर पटक दिया। मां के विरोध करने पर उसने बच्ची को दोबारा पटक दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद सरगम ने अपने मामा ससुर और मामी सास को बुलाया। स्वजन बच्ची को एम्स लेकर पहुंचे।

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं

18 नवंबर 2025 : कबीर नगर क्षेत्र के हीरापुर सतनामी पारा में ढाई वर्षीय प्रशांत सेन की मौत हुई थी। पुलिस जांच में सौतेले पिता पर लगातार मारपीट करने का आरोप सामने आया। मामले में मां और उसके साथी को गिरफ्तार किया गया था।

सितंबर 2026 : माना थाना क्षेत्र के डूमरतराई साहूपारा में पारिवारिक विवाद के बाद दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। भुनेश्वर साहू ने पत्नी खिलेश्वरी साहू और अपने दो बेटों आशीष (10) व ज्ञान (8) पर चाकू से हमला कर दिया।

हमले में तीनों की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपित ने खुद को भी घायल कर लिया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआती जांच में पत्नी के चरित्र पर संदेह को लेकर विवाद की बात सामने आई थी।

13 अक्टूबर 2026 : तीन साल के बच्चे का हाथ टूटा

पंडरी के तरुण नगर में तीन वर्षीय रोहित और उसके भाई के साथ मारपीट का मामला सामने आया। आरोप है कि सगी मां अन्नू देवी और सौतेला पिता राजा दीप बच्चों को पीटते थे और खाना भी नहीं देते थे। 13 अक्टूबर की घटना में रोहित का हाथ फ्रैक्चर हो गया। शरीर पर सिगरेट से दागने के निशान मिलने की भी जानकारी है। छह साल की बहन लक्ष्मी ने मोहल्लेवालों को घटना बताई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई की है।

यह भी पढ़ें- नाखूनों में छिपी थी 2 साल पुरानी मर्डर मिस्ट्री, रायपुर में DNA मैच होते ही पकड़े गए महिला के हत्यारे, 3 गिरफ्तार

एक्सपर्ट - डॉ. सुरभि दुबे, मनोरोग विशेषज्ञ

कुछ लोगों में तनाव सहने और गुस्से को नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर होती है। ऐसे लोग घरेलू विवाद, आर्थिक दबाव, आपसी तनाव या अपनी बात मनवाने की जिद में अपना आपा खो बैठते हैं। उन्हें लगता है कि मारपीट करके वे बच्चे या परिवार के दूसरे सदस्यों को नियंत्रित कर सकते हैं। कई बार बचपन में हिंसा का अनुभव करने वाले लोग भी बड़े होकर इसी व्यवहार को दोहराने लगते हैं।

हालांकि तनाव या गुस्सा किसी भी स्थिति में बच्चों के साथ हिंसा को जायज नहीं ठहराता। छोटे बच्चे अपनी बात ठीक से नहीं रख पाते और विरोध भी नहीं कर पाते, इसलिए वे हिंसा का आसान निशाना बन जाते हैं। ऐसे मामलों में केवल घटना के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हिंसक व्यवहार करने वाले व्यक्ति की मनोविज्ञानी जांच, गुस्सा नियंत्रित करने के लिए परामर्श और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

यह भी पढ़ें- रायपुर के तरुण नगर में बच्चों के साथ क्रूरता, मासूम को पीटने और सिगरेट से दागने का आरोप; माता-पिता गिरफ्तार