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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Job Fraud: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 18 लाख से अधिक की ठगी, फर्जी जॉइनिंग लेटर भी दिया

रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर रायपुर में एक महिला समेत 3 लोगों के साथ ठगी की गई है। आरोपी ने नौकरी का झांसा देकर पीड़ितों ने 18 लाख रुपये से अधिक ...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Fri, 04 Jul 2025 12:52:58 PM (IST)Updated Date: Fri, 04 Jul 2025 12:55:29 PM (IST)
Job Fraud: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 18 लाख से अधिक की ठगी, फर्जी जॉइनिंग लेटर भी दिया
नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी

HighLights

  1. रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी
  2. झांसा देकर लूटे 18 लाख से ज्यादा
  3. फर्जी जवॉइनिंग लेटर भी दिखाया

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: रायपुर में रेलवे में नौकरी लगाने का झांसा देकर महिला सहित तीन लोगों से करीब 18 लाख 72 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने पीड़ित से एक कार भी रेलवे में किराये पर लगाने के नाम पर हड़प ली। मामले में पुरानी बस्ती थाने की पुलिस ने जांच के बाद धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, चेतना साहू, कुणाल साहू और शुभांशु जुमड़े ने संयुक्त रूप से रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें रुपेश साहू और उसके पिता चैत राम साहू पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम वसूलने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप लगाया गया है।


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जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 में चेतना साहू की मुलाकात देवपुरी में अपने मामा के घर रहने के दौरान आरोपी रूपेश से हुई, जिसने खुद को रेलवे का अधिकारी बताया। आरोपी ने महिला को भरोसे में लेकर कहा कि वह रेलवे में उसकी और उसके परिजनों की नौकरी लगवा देगा। इसके बाद पीड़िता ने अपने पति और भाई के नाम से भी दस्तावेज और रकम सौंप दी।

फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर लाखों ऐंठे

रुपेश साहू और उसके पिता ने पहले पीड़िता और अन्य लोगों से रेलवे की भर्ती प्रक्रिया के नाम पर कुल 14 लाख 37 हजार 63 रुपये नगद और आनलाइन माध्यम से लिए। इतना ही नहीं, जिला अस्पताल पंडरी से फर्जी मेडिकल भी कराया गया और रेल मंत्रालय की मुहर व लोगो वाला फर्जी जाइनिंग लेटर थमाया गया। बाद में पत्राचार में स्पष्ट हुआ कि रेलवे ने ऐसा कोई नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया।

भोपाल-गुजरात ले जाकर झूठी ट्रेनिंग का भी नाटक

रुपेश साहू ने सभी पीड़ितों को जुलाई 2024 में भोपाल और फिर अक्टूबर में गुजरात के बड़ोदरा ले जाकर ट्रेनिंग की बात कही। वहां भी नकदी 2 लाख 20 हजार रुपये लिए। ट्रेनिंग सेंटर के बाहर बिठाकर आरोपी यह कहकर निकल गया कि बैच फुल हो गया है, अगले बार बुलाया जाएगा।

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धमकी और दबाव का भी किया गया प्रयास

जब पीड़ितों ने रुपये वापस मांगे, तो चैत राम साहू ने अपने गांव मनोहरपुर, लोरमी बुलाकर समझौते का बहाना किया। वहां उनके परिजन, जिनमें से एक ने खुद को बिलासपुर हाई कोर्ट का वकील बताया, पीड़ितों को धमकाने लगे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।