
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। शासकीय कालेजों में पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओेबीसी) के विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कॉलेज में दाखिला मिलने के बाद यदि सरकारी हास्टल में सीट नहीं मिलती, तो अब छात्रों को किराये की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। फिलहाल 31 अगस्त तक दाखिले की प्रक्रिया चल रही है।
राज्य सरकार जल्द ही ‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ लागू करने जा रही है। योजना के तहत विद्यार्थियों को उनके कालेज के शहर के हिसाब से हर महीने वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राशि साल में 10 महीनों के लिए तीन किस्तों में सीधे छात्रों के खातों में भेजी जाएगी।
योजना का लाभ स्नातक के लिए अधिकतम चार वर्ष और स्नातकोत्तर के लिए दो वर्ष यानी कुल छह वर्षों तक लिया जा सकता है। प्रदेश के 343 सरकारी कालेजों में अध्ययनरत 2.88 लाख विद्यार्थियों में से 2.59 लाख छात्र एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग से हैं।
हास्टल में सीमित सीटों के कारण हर साल हजारों छात्रों को महंगे निजी कमरों में रहना पड़ता था। इस नई योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं पर पड़ने वाला वित्तीय दबाव काफी हद तक कम होगा।
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