• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

छत्तीसगढ़ के 2.59 लाख छात्रों के लिए खुशखबरी, हॉस्टल न मिलने पर सरकार देगी किराया, हर महीने मिलेंगे ₹3 हजार

शासकीय कालेजों में पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओेबीसी) के विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है।

By Sandeep TiwariEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 22 Aug 2026 04:42:52 PM (IST)Updated Date: Sat, 22 Aug 2026 04:42:52 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के 2.59 लाख छात्रों के लिए खुशखबरी, हॉस्टल न मिलने पर सरकार देगी किराया, हर महीने मिलेंगे ₹3 हजार
छग में मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना शुरू। (सांकेतिक तस्वीर)

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। शासकीय कालेजों में पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओेबीसी) के विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कॉलेज में दाखिला मिलने के बाद यदि सरकारी हास्टल में सीट नहीं मिलती, तो अब छात्रों को किराये की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। फिलहाल 31 अगस्त तक दाखिले की प्रक्रिया चल रही है।

शहर के हिसाब से हर महीने वित्तीय सहायता मिलेगी

राज्य सरकार जल्द ही ‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ लागू करने जा रही है। योजना के तहत विद्यार्थियों को उनके कालेज के शहर के हिसाब से हर महीने वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राशि साल में 10 महीनों के लिए तीन किस्तों में सीधे छात्रों के खातों में भेजी जाएगी।


योजना का लाभ छह वर्षों तक मिलेगा

योजना का लाभ स्नातक के लिए अधिकतम चार वर्ष और स्नातकोत्तर के लिए दो वर्ष यानी कुल छह वर्षों तक लिया जा सकता है। प्रदेश के 343 सरकारी कालेजों में अध्ययनरत 2.88 लाख विद्यार्थियों में से 2.59 लाख छात्र एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग से हैं।

हास्टल में सीमित सीटों के कारण हर साल हजारों छात्रों को महंगे निजी कमरों में रहना पड़ता था। इस नई योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं पर पड़ने वाला वित्तीय दबाव काफी हद तक कम होगा।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से अभ्यर्थियों को लगा झटका, कोर्ट ने कृषि शिक्षक भर्ती में बीएड से छूट देने की मांग ठुकराई

वित्तीय सहायता के प्रविधान

  • रायपुर (राजधानी): ₹3,000 प्रतिमाह
  • संभागीय मुख्यालय (बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा): ₹2,500 प्रतिमाह
  • जिला व विकासखंड मुख्यालय: ₹2,000 प्रतिमाह

योजना के लिए पात्रता की शर्तें

  • आय सीमा: केवल उन्हीं छात्रों को लाभ मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम है।
  • शैक्षणिक योग्यता: चयन मेरिट के आधार पर होगा। स्नातक में प्रवेश के लिए 12वीं में प्रथम श्रेणी और स्नातकोत्तर के लिए स्नातक में कम से कम 55% अंक अनिवार्य होंगे।
  • अपवाद: सरकारी, अनुदान प्राप्त या किसी भी संस्था द्वारा संचालित हास्टल में रह रहे छात्र इसके पात्र नहीं होंगे।