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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में रुक सकती है सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, 30 सिंतबर से पहले करा लें e-KYC

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग विभागों में कार्यरत कर्मचारियों में से 60 प्रतिशत लोगों ने अब तक अपना ई-केवाईसी नहीं करवाया है। ऐसे में वित्त विभाग की ओर से इसके...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Fri, 19 Sep 2025 12:09:27 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Sep 2025 12:12:33 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में रुक सकती है सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, 30 सिंतबर से पहले करा लें e-KYC
ई-केवाईसी नहीं होने से सरकारी कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है

HighLights

  1. 60 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों की ई-केवाईसी नहीं
  2. ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक रखी गई
  3. अपडेट नहीं कराने पर कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत 60 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने अब तक केवायसी (नो योर कस्टमर) अपडेट नहीं कराया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की है। तय समय-सीमा में अपडेट नहीं कराने पर संबंधित कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है।

वित्त विभाग की ओर से सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की केवायसी अपडेट कराकर उसकी जानकारी समय पर संबंधित ट्रेजरी कार्यालय को भेजें। साथ ही सभी कर्मचारियों से समय रहते केवायसी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई है, ताकि सैलरी भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए।


गौरतलब है कि केवायसी अपडेट करने के लिए कर्मचारियों को पहले 24 अप्रैल तक का समय दिया गया था। इसके बाद कोष एवं लेखा संचालनालय ने 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी थी। बावजूद इसके अब तक सिर्फ 35 से 40 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही प्रक्रिया पूरी की है।

वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय रहते केवायसी नहीं कराए जाने पर संबंधित कर्मियों के वेतन भुगतान में रुकावट आ सकती है। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं।

प्रदेश के सभी जिलों में बनेगा मॉडल स्कूल

प्रदेश के सभी जिलों में माडल स्कूल बनेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जिला शिक्षा अधिकारियों से 19 दिन के भीतर सूची मंगाई है। गुरुवार को मंत्रालय में मंत्री यादव ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने माडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। माडल स्कूल स्थापित करने योग्य स्कूलों की जानकारी 10 दिन में संचालनालय को प्रस्तुत की जाए।

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शिक्षा मंत्री ने कहा डीएवी, इग्नाइट और पीएमश्री विद्यालयों को माडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा संजीव झा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।