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बस्तर से केंद्रीय बल के 20000 जवानों की वापसी, 5000 युवाओं की बस्तर फाइटर के रूप में होगी भर्ती, राज्य में 25% पुलिस बल की कमी

माओवादमुक्त बस्तर से केंद्रीय सशस्त्र बल के जवानों की वापसी प्रारंभ हो गई है, जिसमें लगभग 35 प्रतिशत जवान लौट चुके हैं। राज्य सरकार ने इनके स्थान पर 5...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 12:51:41 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 01:15:23 PM (IST)
बस्तर से केंद्रीय बल के 20000 जवानों की वापसी, 5000 युवाओं की बस्तर फाइटर के रूप में होगी भर्ती, राज्य में 25% पुलिस बल की कमी

HighLights

  1. अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस पर आ जाएगी
  2. माओवादी विरोधी अभियान में 52,000 जवानों की तैनाती
  3. छत्तीसगढ़ में करीब 25 प्रतिशत पुलिस बल की कमी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। माओवादमुक्त बस्तर से केंद्रीय सशस्त्र बल के जवानों की वापसी प्रारंभ हो गई है, जिसमें लगभग 35 प्रतिशत यानी 20 हजार जवान लौट चुके हैं। राज्य सरकार ने इनके स्थान पर 5,000 स्थानीय युवाओं को बस्तर फाइटर के रूप में भर्ती करने का निर्णय लिया है, लेकिन यह प्रक्रिया फाइलों में अटकी हुई है।

अगले छह महीनों में केंद्रीय बल के जवानों की वापसी का आंकड़ा 60 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। यहां माओवादी हिंसा मोर्चे पर केंद्रीय सुरक्षा बल के 52,000 जवान तैनात रहे हैं। दूसरी ओर, राज्य पुलिस में करीब 20 हजार पद रिक्त हैं, जिससे पूरे सेटअप में हर चौथा स्वीकृत पद खाली है।


अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस पर आ जाएगी

केंद्रीय बल की वापसी के बाद जंगलों और अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस पर आ जाएगी। दुर्ग-भिलाई में करीब 2,600 पद स्वीकृत हैं, लेकिन लगभग 1,990 पुलिसकर्मी ही उपलब्ध हैं। वहीं बिलासपुर में 1,792 पुलिसकर्मी कार्यरत हैं और करीब 387 पद खाली हैं। रिक्तियों में सिपाही स्तर के पद बड़ी संख्या में हैं।

छत्तीसगढ़ में करीब 25 प्रतिशत पुलिस बल की कमी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में करीब 25 प्रतिशत पुलिस बल की कमी है। रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राज्य में पुलिस बल की भारी कमी है। अकेले रायपुर जिले में 3,650 पद स्वीकृत हैं, जबकि करीब 2,750 पुलिसकर्मी उपलब्ध हैं।

लगभग 900 पद रिक्त हैं। 40 लाख से अधिक आबादी वाले रायपुर में आबादी के अनुपात में करीब 5,400 पुलिसकर्मियों की जरूरत बताई जा रही है। रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र के पुलिस थानों में पुलिस बल की मौजूदा संख्या भी आवश्यकता से कम है।

माओवादी विरोधी अभियान में 52,000 जवानों की तैनाती

माओवादी विरोधी अभियान में सीआरपीएफ, आइटीबीपी और बीएसएफ की विभिन्न बटालियन और टुकड़ियां शामिल हैं। इसके अलावा मोहला-मानपुर, राजनांदगांव, कबीरधाम और गरियाबंद जैसे क्षेत्रों में भी केंद्रीय बल के जवान तैनात रहे हैं।

पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, बस्तर में 400 से अधिक सुरक्षा कैंपों में जंगल और अंदरूनी इलाकों में अभियान चलाया जा रहा है। केंद्रीय बलों की चरणबद्ध वापसी के साथ इन इलाकों में राज्य पुलिस की भूमिका और बढ़ेगी।

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