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दुर्ग का 'गुटखा किंग' जीएसटी के शिकंजे में, 900 करोड़ के अवैध कारोबार पर 317 करोड़ का भारी जुर्माना; ऐसे चलता था सिंडिकेट

दुर्ग से गुरमुख जुमनानी प्रतिदिन करीब 50 लाख रुपये का गुटखा बेचता था। यह राशि प्रतिमाह लगभग 15 करोड़ रुपये होती थी। इस तरह उसने पांच वर्षों में करीब 9...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Thu, 15 Jan 2026 11:09:18 AM (IST)Updated Date: Thu, 15 Jan 2026 11:09:18 AM (IST)
दुर्ग का 'गुटखा किंग' जीएसटी के शिकंजे में, 900 करोड़ के अवैध कारोबार पर 317 करोड़ का भारी जुर्माना; ऐसे चलता था सिंडिकेट
गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी

HighLights

  1. गुरमुख जुमनानी हर दिन 50 लाख रुपये का गुटखा बेचता था
  2. यह राशि प्रतिमाह लगभग 15 करोड़ रुपये होती थी
  3. सने पांच वर्षों में करीब 900 करोड़ रुपये का कारोबार किया

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। दुर्ग से गुरमुख जुमनानी प्रतिदिन करीब 50 लाख रुपये का गुटखा बेचता था। यह राशि प्रतिमाह लगभग 15 करोड़ रुपये होती थी। इस तरह उसने पांच वर्षों में करीब 900 करोड़ रुपये का कारोबार किया। अब राज्य जीएसटी विभाग ने गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग ने वर्ष 2021 से 2025 तक के कारोबार का आकलन कर यह राशि तय की है। वह पिछले पांच वर्षों से ‘सितार’ नाम से तंबाकू युक्त गुटखा का कारोबार कर रहा था। राज्य में तंबाकू युक्त गुटखा पर प्रतिबंध के बावजूद कारोबार करने के मामले में वह करीब तीन महीने से जेल में बंद है।

जीएसटी विभाग के अधिकारियों के अनुसार गुटखे का पूरा कारोबार सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। गुरमुख के पिता गोदामों के लिए लोगों से रेंट एग्रीमेंट करते थे, जहां गुटखा पैक किया जाता था। पैकिंग के बाद गुटखा बोरों में भरकर दुकानों तक आपूर्ति की जाती थी। जांच के दौरान टीम ने कई पुराने रेंट एग्रीमेंट और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।


गुटखे का फार्मूला तैयार करने वाले दीपक पांडे ने जीएसटी अधिकारियों को दिए बयान में बताया कि मशीन से एक मिनट में करीब 250 पैकेट तैयार हो जाते थे। प्रतिदिन लगभग 50 बोरा गुटखा बाजार में खपाया जाता था। महीने में केवल 18 दिन मजदूर काम करते थे, इसके बावजूद कारोबार करोड़ों रुपये का था।

मीठी सुपारी के लाइसेंस पर जर्दायुक्त गुटखा

जुलाई 2025 में जीएसटी विभाग ने दुर्ग जिले के जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्टरी में छापा मारा था। यहां केवल गुटखा पैकिंग का काम होता पाया गया। गुटखे का रॉ-मटेरियल गुरमुख के बेटे सागर की राजनांदगांव स्थित ‘कोमल फूड’ फैक्टरी में तैयार किया जाता था। यह फैक्टरी सरकारी दस्तावेजों में मीठी सुपारी बनाने के लिए रजिस्टर्ड है।

मजदूरों की आपूर्ति छिंदवाड़ा के लेबर कांट्रेक्टर बबलू द्वारा की जाती थी और गुटखा रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक बनाया जाता था। जीएसटी की कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग ने फैक्टरी सील की थी, लेकिन बाद में टीन शेड तोड़कर मशीनें निकाल ली गईं।

जेल में बंद है गुरमुख

वर्ष 2023 में मोहन नगर पुलिस ने गुरमुख जुमनानी को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह करीब 100 दिनों से दुर्ग जेल में बंद है और उसकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार छापों के दौरान सूचना लीक होने के कारण वह लंबे समय तक फरार रहा, जिससे उसे पकड़ने में करीब दो महीने का समय लगा।

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