
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण योजना में आ रहे फर्जी मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल का सहारा लिया है। इसे जल्द ही राज्य में भी लागू किया जाएगा।
ग्रामीण रोजगार योजना में फर्जी हाजिरी और गलत तरीके से मजदूरी लेने की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) ऐप का नया संस्करण लॉन्च किया गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने 23 अक्टूबर 2026 को इस उन्नत ऐप को पेश किया, जिसे आईआईटी मद्रास और तकनीकी एजेंसियों की मदद से तैयार किया गया है।
इस नए ऐप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चेहरा सत्यापन, लाइवनेस डिटेक्शन और मोबाइल सुरक्षा जांच जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिससे किसी फोटो या नकली तस्वीर का इस्तेमाल रोका जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या को देखते हुए इसमें ऑफलाइन हाजिरी दर्ज करने का प्रावधान भी किया गया है, जिसे बाद में नेटवर्क मिलने पर अपलोड किया जा सकेगा।
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बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी गई है। हालांकि, ऐप पर हाजिरी लगाने से तुरंत भुगतान नहीं होगा, बल्कि एआई फोटो डुप्लीकेशन प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक मेजरमेंट बुक (ई-एमबी) के माध्यम से जांच के बाद ही मजदूरी जारी की जाएगी। इस पारदर्शी पहल से सरकारी धन के सही उपयोग और वास्तविक श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।