
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रेलवे में अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार जैसे मानवीय मामलों में मिलने वाली राशि में कटौती की जा रही है। स्टेशन प्रबंधन द्वारा अंतिम संस्कार में दी जाने वाली राशि में कटौती की जा रही है। रेलवे बोर्ड का स्पष्ट आदेश है कि अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार के लिए सात हजार रुपये दिए जाए।
इसके बावजूद स्टेशन प्रबंधन की ओर से नियमों को ठेंगा दिखाते हुए अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाले कफन खर्च की राशि में कटौती की जा रही है। स्टेशन प्रबंधन की ओर से 7,000 रुपये के बजाय अब भी मात्र 5,000 रुपये ही दिए जा रहे हैं।
बोर्ड के नियमों में संशोधन हुए महीनों बीत जाने के बाद भी मैदानी स्तर पर पुरानी दरों पर ही भुगतान किए जाने से व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जीआरपी का कहना है कि शव को वाहन में ले जाने, कफन, लकड़ी और अन्य खर्चों को मिलाकर 7,000 रुपये से अधिक खर्च हो जाता है। जब भी जीआरपी अज्ञात शव का मेमो लेकर स्टेशन प्रबंधक के पास साइन कराने जाती है, तो राशि को 7,000 से काटकर 5,000 रुपये कर दिया जाता है और तर्क दिया जाता है कि उनके पास नया आदेश नहीं पहुंचा है।
रेलवे क्षेत्र के मरीजों की अस्पताल में मौत पर नहीं दी जा रही राशि
जीआरपी एसआई बीके राठौर ने कहा कि रेलवे क्षेत्र से भेजे गए मरीजों की अस्पताल में मौत होने पर अंतिम संस्कार के लिए राशि नहीं दी जा रही है, जबकि मौदहापारा थाना क्षेत्र से केस डायरी जीआरपी को भेज दी जाती है। जनवरी से अब तक जीआरपी ने 72 से अधिक मर्ग कायम किए हैं, जिनमें 25 से अधिक अज्ञात शव शामिल हैं।
इनमें से केवल 15 अज्ञात शवों के लिए ही 5,000 रुपये की दर से राशि दी गई है, जबकि शेष 10 मामलों में यह कहकर राशि काट दी गई कि उनकी मृत्यु रेलवे क्षेत्र में नहीं हुई थी।
अस्पताल भेजे गए कई मामलों की नहीं दी जा रही जानकारी
जीआरपी के अनुसार, हाल ही में सामने आए कई मामलों में स्टेशन प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई है। मौदहापारा थाना क्षेत्र से भेजी गई केस डायरी के मुताबिक 10 अक्टूबर को रेलवे क्षेत्र से एक 33 वर्षीय अज्ञात युवक चोटिल अवस्था में मिला था, जिसे 108 से अस्पताल भेजा गया था, अगले दिन उसकी मौत हो गई।
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30 सितंबर को प्लेटफार्म-2 पर 60 वर्षीय एक बुजुर्ग बीमार स्थिति में पड़े मिले थे, जिन्हें स्टेशन प्रबंधक ने अस्पताल भिजवाया था और 11 अक्टूबर को उनकी भी मौत हो गई। जीआरपी ने कहा कि दोनों मामलों में स्टेशन प्रबंधन की ओर से जीआरपी को कोई सूचना नहीं दी गई है।
रेलवे बोर्ड ने पांच मई 2026 को बढ़ाई थी राशि
रेलवे बोर्ड ने पांच मई 2026 को ट्रेनों या रेलवे परिसर में मिलने वाले अज्ञात या दुर्घटनाग्रस्त शवों के सम्मानजनक निष्पादन और परिवहन के समय कफन खरीदने के लिए मिलने वाले भत्ते की राशि में वृद्धि का आदेश जारी किया था। रेलवे बोर्ड के जी/एडमिन महेशवार सिंह के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के अनुसार भुगतान की मौजूदा दर 5,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये कर दी गई है और यह तत्काल प्रभाव से लागू है।
जांच करवाता हूं, रेलवे बोर्ड से जो भी आदेश जारी किए जाते हैं, उन सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का मैदानी स्तर पर पूरी सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। डॉक्टर, सुस्कर विपुल विलासराव, सीनियर डीसीएम, रायपुर
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