खारून नदी में गिर रहा उद्योगों का गंदा पानी, बीरगांव की जल आपूर्ति पर मंडराया खतरा
कारा स्थित एसटीपी में नियमों को ताक पर रखकर उद्योगों का केमिकल युक्त पानी बिना ट्रीटमेंट खारून नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे नदी जहरीली हो रही है और ब ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 06 Jan 2026 12:39:38 PM (IST)Updated Date: Tue, 06 Jan 2026 12:39:38 PM (IST)
उरला औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों का जहरीला पानी खारून नदी में छोड़ा जा रहा है। (फोटो- नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- कारा एसटीपी में महीनों से ट्रीटमेंट सिस्टम पूरी तरह ठप
- उरला उद्योगों का जहरीला पानी सीधे खारून नदी में छोड़ा
- निरीक्षण में काला झाग, दुर्गंध और खुली पाइपलाइन मिलीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। इंदौर में दूषित पानी से 16 मौतों के बाद भी राजधानी के जिम्मेदार अफसर नहीं चेते। कारा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उरला औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों से निकलने वाला केमिकल युक्त और जहरीला पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे खारून नदी में छोड़ा जा रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि खारून का पानी अब धीरे-धीरे जहर में तब्दील होता जा रहा है, लेकिन नगर निगम रायपुर की नींद अब तक नहीं खुली।
यह वही एसटीपी है, जहां उद्योगों से निकलने वाले दूषित जल को शुद्ध कर नदी में छोड़ा जाना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इससे ठीक उलट है। पिछले कई महीनों से एसटीपी केवल नाम का रह गया है। ट्रीटमेंट प्लांट में मशीनें खामोश पड़ी हैं, फिल्टर सिस्टम बेअसर है और केमिकल युक्त गंदा पानी नालों के जरिए सीधे खारून में बहाया जा रहा है।
महापौर-आयुक्त पहुंचे निरीक्षण पर
- मंगलवार को बीरगांव नगर निगम के महापौर नंदलाल देवांगन निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वशा और अधिकारियों की टीम के साथ कारा एसटीपी पहुंचे। वहां ट्रीटमेंट टैंक के आसपास काले रंग का झाग, तेज दुर्गंध और केमिकल युक्त पानी जमा पाया। कई पाइप लाइनें सीधे नदी की ओर खुली हुई थीं, जिनसे बिना ट्रीटमेंट किया गंदा पानी लगातार बह रहा था।
- उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे जनता की जान से खिलवाड़ है। उन्होंने तुरंत निर्देश दिए कि बिना ट्रीटमेंट पानी को नदी में जाने से रोका जाए और एसटीपी की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जाए।
इंटकवेल खतरे की जद में
- सबसे खतरनाक पहलू यह है कि कारा एसटीपी से कुछ ही दूरी पर बीरगांव नगर निगम का इंटकवेल स्थित है, जहां से हजारों घरों में पीने का पानी सप्लाई किया जाता है। खारून में मिल रहा केमिकल युक्त दूषित जल सीधे भू-जल स्रोत को प्रभावित कर सकता है। अगर समय रहते रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में बीरगांव क्षेत्र में जल जनित बीमारियों का विस्फोट हो सकता है।
इसी आशंका के चलते महापौर और निगम आयुक्त ने बेंद्री स्थित इंटकवेल का भी निरीक्षण किया। वहां जल स्तर, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की जांच की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी कीमत पर दूषित पानी इंटकवेल तक न पहुंचे। नगर निगम रायपुर की लापरवाही उजागर
चौंकाने वाली बात यह भी है कि कारा एसटीपी का संचालन नगर निगम रायपुर के अधीन है, जबकि इसका सीधा असर बीरगांव नगर निगम क्षेत्र पर पड़ रहा है। दोनों निकायों के बीच जिम्मेदारी का खेल चल रहा है और इस आपसी खींचतान में खारून नदी को जहर पिलाया जा रहा है।
मौके पर मौजूद रहे ये अधिकारी
निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य इकराम अहमद, संतोष साहू, कार्यपालन अभियंता डीएल देवांगन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद थे। सभी ने हालात देखे, लेकिन अब देखने वाली बात होगी कि कार्रवाई जमीन पर कब उतरती है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
नंदलाल देवांगन, महापौर, बीरगांव ने कहा कि कारा स्थित एसटीपी में उद्योगों से निकलने वाला केमिकल युक्त दूषित जल बिना ट्रीटमेंट खारून नदी में छोड़ा जा रहा है।
यह बेहद गंभीर मामला है। इससे नदी का पानी दूषित हो रहा है और बीरगांव नगर निगम क्षेत्र की जल आपूर्ति पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। इस पूरे मामले से रायपुर कलेक्टर को अवगत कराया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।