• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

छत्तीसगढ़ में जल तो 2,875 पंचायतों में ‘छलका’, जिम्मेदारी 600 के हिस्से ही ‘टपकी’

छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत पंचायतों में नल से स्वच्छ जल पहुंचाने का काम भले ही तेजी से आगे बढ़ा हो, लेकिन योजना को संभालने की जिम्मेदारी सौंपने...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 10:04:03 AM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 10:04:53 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में जल तो 2,875 पंचायतों में ‘छलका’, जिम्मेदारी 600 के हिस्से ही ‘टपकी’
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की सुस्त चाल दिख रही है (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ में हैंडओवर की रफ्तार धीमी, कलेक्टरों को मिले सख्त निर्देश
  2. 3,426 पंचायतों ने शत-प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचने का किया दावा
  3. 2,300 स्कूल और 4,000 आंगनबाड़ियां अब भी प्यासी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत पंचायतों में नल से स्वच्छ जल पहुंचाने का काम भले ही तेजी से आगे बढ़ा हो, लेकिन योजना को संभालने की जिम्मेदारी सौंपने की रफ्तार धीमी है। प्रदेश की 2,875 ग्राम पंचायतों में जलापूर्ति की व्यवस्था तैयार होने के बावजूद करीब 600 पंचायतों को ही इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जा सकी है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि 11,658 ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन संचालित है। 3,426 पंचायतों ने सभी घरों तक नल से जल पहुंचाने का काम शत-प्रतिशत पूरा होने का दावा किया है।

इनमें से 2,875 पंचायतों का सत्यापन भी पूरा हो चुका है। केंद्र सरकार की ओर से जल अर्पण पोर्टल तैयार किया गया है, जो नौ सितंबर से संचालित है। जल जीवन मिशन के तहत काम पूरा कर चुके और 15 दिनों का सफल ट्रायल रन पूरा करने वाले हर घर जल रिपोर्टेड गांवों (हर घर जल योजना के तहत नल से पानी पहुंचने वाले दर्ज गांव) को पोर्टल में दर्ज किया जाना है।


जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नल के जरिये नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पाइपलाइन, पानी की टंकी और अन्य जल संरचनाएं तैयार होने के बाद इनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय की जानी है।

84 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन देने का काम हुआ पूरा

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत प्रदेश में अभी तक 84 प्रतिशत घरों में ही नल कनेक्शन देने का काम पूरा हुआ है। कई जिलों में जलस्रोत के अभाव में अभी भी घरों तक नल से पानी नहीं पहुंच पा रहा है। प्रदेश में 49,94,757 घरों में नल कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अब तक 41,98,089 घरों तक ही नल कनेक्शन पहुंचाने का काम पूरा हुआ है। रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, बालोद और सक्ती को छोड़ दें तो अन्य जिलों में 90 प्रतिशत से कम काम हुआ है।

यह भी पढ़ें- केंद्र से बराबर राशि मिलने के बाद कितना हुआ काम? छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की वर्तमान स्थिति बताए राज्य सरकार: हाई कोर्ट

धमतरी में 99.59 प्रतिशत और रायपुर में 98.24 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन का काम पूरा हो चुका है। घरों में नल कनेक्शन देने के मामले में प्रदेश देश में 24वें स्थान पर है। देश के सभी ग्रामीण परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन की शुरुआत की थी।

2,300 स्कूलों और 4,000 आंगनबाड़ी केंद्रों को स्वच्छ जल का इंतजार

प्रदेश के 2,300 स्कूलों और 4,000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में अब तक नल से जल की सुविधा नहीं पहुंच पाई है। इससे इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों और नौनिहालों को पेयजल के लिए वैकल्पिक जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। प्रदेश के सभी 33 जिलों के 46,280 स्कूलों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इनमें से अब तक 43,973 स्कूलों में ही नल से जल की सुविधा पहुंची है। 2,307 स्कूल अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। इसी तरह 45,731 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 41,720 केंद्रों में ही नल से जल पहुंच रहा है। 4,011 आंगनबाड़ी केंद्र अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं।

योजना की निरंतर समीक्षा की जा रही है और जो भी कमियां आ रही हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में जल अर्पण कराने के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। कलेक्टरों को इसके लिए निर्देश भी दिए गए हैं। रिमिजियस एक्का, संचालक, जल जीवन मिशन।