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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी होने के बाद उठने लगे सवाल, वरिष्ठों के पसंद के चेहरे हावी

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी किए जाने के बाद से संगठन सृजन अभियान पर सवाल उठने लगे हैं। सूची में कई ऐसे नाम शामिल किए गए हैं...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Manoj Dubey
Publish Date: Sun, 30 Nov 2025 08:36:26 AM (IST)Updated Date: Sun, 30 Nov 2025 08:44:13 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी होने के बाद उठने लगे सवाल, वरिष्ठों के पसंद के चेहरे हावी
राजीव भवन। फाइल फोटो

HighLights

  1. संगठन सृजन अभियान पर सवाल उठने लगे हैं
  2. सूची में शामिल अधिकांश नाम वरिष्ठ नेताओं की पसंद के
  3. चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर पार्टी के भीतर उठने लगे सवाल

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी किए जाने के बाद संगठन सृजन अभियान पर सवाल उठने लगे हैं। सूची में कई ऐसे नाम शामिल किए गए हैं, जिन्हें वरिष्ठ नेताओं का पसंदीदा व करीबी माना जाता है। जबकि, अभियान शुरू होने के समय वरिष्ठों को दूर रखा गया था।

अभियान का उद्देश्य नए और योग्य कार्यकर्ताओं को आगे लाना था

पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व ने सख्त हिदायत दी थी कि अभियान में वरिष्ठ नेता हस्तक्षेप नहीं करेंगे। संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य नए और योग्य कार्यकर्ताओं को आगे लाना था, परंतु सूची में शामिल अधिकांश नाम पुराने समीकरणों और वरिष्ठ नेताओं की पसंद पर आधारित हैं।


कई जिलों में ऐसे चेहरे जिलाध्यक्ष बने हैं जो लंबे समय से शीर्ष नेताओं के करीबी रहे हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि चयन पहले से तय था, तो अभियान चलाने की आवश्यकता ही क्या थी?

चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल

पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि अभियान की बैठकों में वरिष्ठ नेताओं को शामिल न करना और फिर उनकी ही पसंद के नेताओं को पद देना, चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, पदाधिकारियों का कहना है कि सभी नियुक्तियां व्यापक विचार-विमर्श के बाद की गई हैं और संगठन को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम है। प्रदेश के सभी जिलों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए 9 से 17 अक्टूबर तक संगठन सृजन अभियान चलाया गया था। एआइसीसी ने सभी जिलों के लिए 17 पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे।

विधायक को सौंपी जिलाध्यक्ष की कमान

पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि महासमुंद में जिलाध्यक्ष की कमान द्वारिकाधीश यादव को सौंपी गई है। जबकि, वे वर्तमान में खल्लारी विधानसभा सीट से विधायक हैं। इन्होंने जिलाध्यक्ष बनने के लिए आवेदन भी नहीं किया था, फिर भी कमान सौंपी गई है। अभियान के दौरान एक व्यक्ति, एक पद का दावा किया गया था।

ऐसे ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज, पूर्वमुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, विधायक देवेन्द्र यादव, विधायक उमेश पटेल व अन्य वरिष्ठों के करीबी नेताओं को उनके जिलों में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। वहीं, सुकमा में पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बेटे हरीश लखमा को कमान सौंपी गई है।

यह भी पढ़ें- सचिन पायलट के सामने आपस में भिड़े कांग्रेस जिला अध्यक्ष व पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष

पांच महिलाओं को जगह

कांग्रेस के 41 जिलाध्यक्षों में 13 ओबीसी, चार एसटी, पांच एससी, एक अल्पसंख्यक और 18 सामान्य वर्ग से हैं। पांच महिलाओं को भी जगह मिली है। इनमें सुमित्रा धृतलहरे (बलौदाबाजार), तारिणी चंद्राकर (धमतरी), गजमती भानु (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही), रश्मि गभेल (सक्ती) और शशि सिंह (सूरजपुर) शामिल हैं। महिलाओं की यह हिस्सेदारी कुल जिलाध्यक्षों की 12.2 प्रतिशत है।