
कादिर खान, नईदुनिया, रायपुर : महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में जहां प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया है वहीं इंटरनेट पर दो डोमेन नेम महादेवऑनलाइन डाट काम और महादेवबुक्ज डाट काम मिले हैं। इनके जरिए अब भी यह अवैध कमाई का खेल जारी है।
खास बात यह कि इनमें से एक वेबसाइट महादेव ऑनलाइन डाट काम भारत में ओपन नहीं हो रही, लेकिन वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के माध्यम से वेबसाइट खुल रही है। तीन अप्रैल 2021 को लिया गया यह डोमेन 2027 तक के लिए रजिस्टर्ड है। इसका सर्वर लोकेशन मुंबई महाराष्ट्र दिख रहा है।
उपयोगकर्ता जब वेबसाइट पर दिए गए लिंक को क्लिक करते हैं तो वे सीधे एक वाट्सएप चैट से जुड़ते हैं। फिर आपरेटर (पैनल एजेंटों) उपयोगकर्ताओं को यूजर आइडी, पासवर्ड और सट्टेबाजी या गेमिंग क्रेडिट उपलब्ध कराते हैं। पैसों का लेन-देन (डिपाजिट और विड्राल) भी यूपीआइ या बैंक खातों से यही आपरेटर करते हैं। डोमेन या मुख्य वेबसाइट ब्लाक होने की स्थिति में नेटवर्क को चालू रखने और सीधे ट्रैकिंग से बचने के लिए यह माडल अपनाया जाता है।
यह भी पढ़ें- रायपुर: ढाई घंटे की तलाश के बाद मां की गोद में लौटा एक साल का मासूम, थाने में मनाया पहला जन्मदिन
वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) ऐसी तकनीक है जो इंटरनेट इस्तेमाल करते समय डिवाइस और सर्वर के बीच एन्क्रिप्टेड कनेक्शन बनाती है। इससे वास्तविक आइपी एड्रेस छिपाने और ऑनलाइन गतिविधियों की गोपनीयता बनाए रखने में मदद मिलती है। प्रतिबंधित या ब्लाक वेबसाइट तक पहुंचने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि वीपीएन का इस्तेमाल गैरकानूनी नहीं है।