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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी, काउंसिलिंग पर रोक

याचिकाकर्ता डॉ. यशवंत राव और डॉ. पी. राजशेखर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि मेडिकल पीजी प्रवेश की काउंसलिंग प्रक्रिया में कई अपात्र उम्मीदवारों को स...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Wed, 19 Feb 2025 12:37:16 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Feb 2025 12:37:16 PM (IST)
मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी, काउंसिलिंग पर रोक
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट अगली सुनवाई 25 फरवरी को करेगा।
  2. नियमानुसार, जनवरी 2024 तक 3 साल की सेवा पूरी करना था अनिवार्य।
  3. सीजीपीएससी मामले में उद्योगपति श्रवण गोयल ने लगाई जमानत याचिका।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को काउंसलिंग पर रोक लगा दी है। अब इस मामले की सुनवाई 25 फरवरी को होगी।

याचिकाकर्ता डॉ. यशवंत राव और डॉ. पी. राजशेखर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि मेडिकल पीजी प्रवेश की काउंसलिंग प्रक्रिया में कई अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी का लाभ दिया गया। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार, इस श्रेणी में पात्रता के लिए 31 जनवरी 2024 तक तीन साल की सेवा पूरी करना अनिवार्य था।


हालांकि, काउंसलिंग के दौरान अधिकारियों ने सेवा अवधि की गणना कटऑफ तारीख से आगे बढ़ा दी। इससे अयोग्य उम्मीदवारों को भी प्रवेश का लाभ मिल गया। याचिका में यह भी कहा गया कि अधिकारियों ने एक निजी उम्मीदवार को गलत तरीके से सेवारत श्रेणी में प्रमाणित किया।

महाधिवक्ता ने माना हुई हैं अनियमितताएं

जांच में सामने आया कि यदि सेवा अवधि की गणना सही कटऑफ तारीख तक की गई होती, तो उक्त उम्मीदवार पात्र नहीं होता। शिकायत के बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने सोमवार को प्रारंभिक सुनवाई के दौरान शिकायत में मजबूती पाई। महाधिवक्ता ने भी कोर्ट में माना कि अनियमितताएं सामने आई हैं।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समान स्थिति वाले सभी उम्मीदवारों पर लागू होगा। हाई कोर्ट ने महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि वे इस आदेश की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।

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सीजीपीएससी फर्जीवाड़ा: उद्योगपति श्रवण गोयल ने लगाई याचिका

उधर, सीजीपीएससी 2021 भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा के आरोप में गिरफ्तार उद्योगपति श्रवण गोयल ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अपनी जमानत के लिए याचिका दायर की है। उनकी याचिका पर मंगलवार को जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई।

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इसमें सीबीआई को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया। मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। गोयल के अधिवक्ता अंकित सिंघल ने कोर्ट में स्वास्थ्यगत कारणों का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की। इस पर सीबीआई की ओर से सीनियर एडवोकेट बी गोपाकुमार पेश हुए और जवाब देने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

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क्या है मामला

सीजीपीएससी 2021 भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का आरोप पूर्व मंत्री और भाजपा नेता ननकीराम कंवर ने लगाया था। उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कुछ नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदारों को गलत तरीके से चयनित किया गया। उद्योगपति श्रवण गोयल की बेटी और दामाद का नाम भी आरोपित सूची में शामिल हैं।