• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रत्याशियों को चुकाना पड़ा टैक्स, 10 निगमों को छह दिन में मिले तीन करोड़ रुपये

चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों और प्रस्तावकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने के का नियम है। नगर निगमों से एनओसी लेने के लिए शुरू हुई प्रक्रिया 22...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Fri, 31 Jan 2025 12:07:04 PM (IST)Updated Date: Fri, 31 Jan 2025 01:15:10 PM (IST)
प्रत्याशियों को चुकाना पड़ा टैक्स, 10 निगमों को छह दिन में मिले तीन करोड़ रुपये
जनप्रतिनिधियों ने खुद निगम कार्यालय पहुंचकर राशि जमा की और अनापत्ति प्रमाण-पत्र लिया।

HighLights

  1. एनओसी से भरा खजाना, जनप्रतिनिधियों ने खुद आकर जमा किए पैसे।
  2. चुनाव लड़ने से पहले नगर निगम से लेना पड़ता है अनापत्ति प्रमाण-पत्र।
  3. छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगमों में से 10 नगर निगमों में ही चुनाव होने हैं।

अभिषेक राय, रायपुर। प्रदेश के 10 नगर निगमों में चुनाव लड़ रहे महापौर-पार्षद पद के प्रत्याशियों को चुनावी नियमों के तहत बाकी टैक्स चुकाना पड़ा। इसके चलते छह दिनों में ही प्रत्याशियों द्वारा ही जमा किए गए टैक्स से नगर निगमों को करीब तीन करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।

सबसे अधिक राशि रायपुर नगर निगम को मिली है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों और प्रस्तावकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने के का नियम है। चुनाव के चलते नगर निगम का राजस्व अमला कई जनप्रतिनिधियों के यहां जाकर राजस्व वसूली नहीं कर पाता था।


अब वैसे जनप्रतिनिधि खुद चलकर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपना पूरा हिसाब निकलवाया और राशि जमा कर अनापत्ति प्रमाण-पत्र लिया।

22 से शुरू हुई थी एनओसी की प्रक्रिया

नगर निगमों से एनओसी लेने के लिए 22 जनवरी को प्रक्रिया शुरू हुई थी। यह 27 जनवरी तक चली। रायपुर निगम के राजस्व विभाग की ओर से 1,974 लोगों को एनओसी जारी की गई है। इनसे करीब 65 लाख रुपये का राजस्व मिला है।

वहीं, अंबिकापुर में प्रत्याशियों और उनके प्रस्तावकों को मिलाकर कुल 430 लोगों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। इनसे 62.75 लाख रुपये का राजस्व मिला है। राजनांदगांव में 380 को एमओसी जारी करने पर नौ लाख 67 हजार 385 रुपये का राजस्व मिला है।

इसी तरह धमतरी में 152 को एनओसी जारी करने पर 3.75 लाख, दुर्ग निगम को 15 लाख रुपये, बस्तर में 270 एनओसी जारी करने पर 12 लाख, कोरबा निगम को 39.12 लाख रुपये का राजस्व मिल है।

naidunia_image

मेयर के लिए 109 प्रत्याशियों ने ठोंकी दावेदारी

निगमों में महापौर पद के लिए 109 प्रत्याशियों ने दावेदारी ठोंकी है। इनमें सर्वाधिक 28 रायपुर के हैं। प्रदेश के 33 जिलों में अध्यक्ष पद के लिए 816 और पार्षद के लिए 10,776 ने नामांकन फार्म भरा है।

इसके अलावा 49 नगर पालिकाओं और 114 नगर पंचायतों में भी चुनाव होने हैं। जिला पंचायत के 433 सदस्य और जनपद पंचायत के 2,973 पदों के लिए चुनाव होने हैं। ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए 11,672 और वार्ड पंच के लिए 1 लाख 60 हजार 180 पदों पर मतदान होना है।

बताते चलें कि प्रदेश के 14 में से 10 नगर निगमों में चुनाव होने हैं। रिसाली, भिलाई, बिरगांव और भिलाई-चरोदा निगम में चुनाव नहीं होंगे, क्योंकि इनका कार्यकाल दिसंबर-2025 में पूरा होगा।

यह भी पढ़ें- CG Urban Body Election: मतदान से पहले 5 सीटों पर हो गया बड़ा खेल, देखती रह गई कांग्रेस

निकायवार मेयर और पार्षद के दावेदार

नगर निगम मेयर पार्षद
बिलासपुर 10 612
कोरबा 12
रायगढ़ 9 443
सरगुजा 6 36
मनेंद्रगढ़ 8 427
रायपुर 28 993
धमतरी 14 360
दुर्ग 2 656
राजनांदगांव 13 516
बस्तर 7 195

यह भी पढ़ें- बीजापुर में नक्सलियों के इरादे नेस्तानाबूत, डेटोनेटर, नक्सली काली वर्दी, IED समेत कई उपकरण जब्त

इसलिए एनओसी जरूरी

नगर निगम से एनओसी लेना जरूरी है, क्योंकि यह संपत्ति के स्वामित्व के हस्तांतरण की पुष्टि करता है। यह एक कानूनी दस्तावेज भी है। इसके अलावा यह भी तय हो जाता है कि कौन-सा प्रत्याशी डिफाल्टर है या किस प्रत्याशी ने सही तरीके से फार्म जमा किया है।