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छत्तीसगढ़ में पासपोर्ट बनवाने वालों का नया कीर्तिमान: 25 साल में 152 गुना बढ़े आवेदन, टूटा पुराना रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ अब तेजी से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ रहा है। उच्च शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा, पर्यटन और कारोबार के लिए विदेश जाने की बढ़ती चाह ने प्रदेश में पास...और पढ़ें

By Jitendra DahiyaEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 10 Jul 2026 02:37:48 PM (IST)Updated Date: Fri, 10 Jul 2026 02:37:48 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में पासपोर्ट बनवाने वालों का नया कीर्तिमान: 25 साल में 152 गुना बढ़े आवेदन, टूटा पुराना रिकॉर्ड
छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष में 152 गुना बढ़े पासपोर्ट आवेदन (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 25 वर्ष में 152 गुना बढ़े पासपोर्ट आवेदन
  2. पासपोर्ट आवेदन में रायपुर सबसे आगे
  3. कोरोना काल में भी 27 हजार पासपोर्ट जारी हुए

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ अब तेजी से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ रहा है। उच्च शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा, पर्यटन और कारोबार के लिए विदेश जाने की बढ़ती चाह ने प्रदेश में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या को रिकार्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। रायपुर में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय खुलने के बाद पिछले 25 वर्षों में आवेदन 152 गुना बढ़ गए हैं। वर्ष 2007 में जहां पूरे वर्ष केवल 375 आवेदन आए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 56,991 तक पहुंच गया।

कोरोना काल जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी करीब 27 हजार पासपोर्ट जारी हुए। रायपुर के बाद दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर पासपोर्ट धारकों की संख्या में आगे हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी बीएस राणा के अनुसार नई शाखाओं और आसान प्रक्रिया से अब प्रदेशवासियों को पासपोर्ट बनवाने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ रहा है।


युवा सबसे आगे, अब नहीं लगानी पड़ती भोपाल की दौड़

पासपोर्ट बनवाने वालों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी युवाओं की है। उच्च शिक्षा, नौकरी और विदेश में करियर बनाने की चाह के कारण आवेदन लगातार बढ़ रहे हैं। पहले पासपोर्ट संबंधी कार्य के लिए भोपाल जाना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। रायपुर में क्षेत्रीय कार्यालय और अन्य शहरों में सेवा केंद्र शुरू होने के बाद पूरी प्रक्रिया प्रदेश में ही आसान और सुलभ हो गई है।

रायपुर पहले, दुर्ग-भिलाई दूसरे स्थान पर

प्रदेश में सबसे अधिक रायपुर में 23 हजार लोग पासपोर्ट धारक हैं। इसके बाद दुर्ग-भिलाई में नौ हजार, बिलासपुर में सात हजार, राजनांदगांव में चार हजार तथा बस्तर और सरगुजा संभाग में करीब तीन हजार पासपोर्टधारक हैं। अन्य जिलों को मिलाकर यह संख्या करीब 11 हजार है, जो विदेश यात्रा के बढ़ते रुझान को दर्शाती है।

19 वर्ष में 26 डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जारी

प्रदेश से पिछले 19 वर्षों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्य न्यायाधीश, मुख्य सचिव और अन्य पात्र विशिष्ट व्यक्तियों सहित 26 डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जारी किए गए हैं। विदेश मंत्रालय के नियमों के तहत जारी होने वाले मेहरून रंग के इन पासपोर्टधारकों को विदेश यात्रा के दौरान विशेष प्रोटोकाल और कई औपचारिकताओं में राहत मिलती है।

पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। नए आवेदकों के साथ नवीनीकरण कराने वाले भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। पिछले 25 वर्षों में आवेदन 152 गुना बढ़ गए हैं। पिछले पांच वर्षों में 11 डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जारी हुए हैं। बीएस राणा, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी।

यह भी पढ़ें- क्या पासपोर्ट है नागरिकता का सबूत? RTI इस्तेमाल को लेकर MEA और MHA की राय से हुआ खुलासा

फैक्ट फाइल

रायपुर में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय शुरू: वर्ष 2007

25 वर्ष में पासपोर्ट आवेदन वृद्धि: 152 गुना

2007 में आवेदन: 375

2025 में आवेदन: 56,991

कोरोना काल में जारी पासपोर्ट: करीब 27,000

सबसे अधिक पासपोर्ट धारक: रायपुर (23,000)

दूसरे स्थान पर: दुर्ग-भिलाई (9,000)

तीसरे स्थान पर: बिलासपुर (7,000)

राजनांदगांव: 4,000

बस्तर-सरगुजा: 3,000

अन्य जिले: 11,000