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रायपुर में 99 हजार लोग रोज खतरे में करते हैं सफर! चलने के लिए नहीं है फुटपाथ, सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी बेअसर

छह साल पुराने सरकारी सर्वे में सिर्फ तीन प्रमुख हिस्सों में रोज 99,249 पैदल यात्रियों की आवाजाही दर्ज हुई थी। रेलवे स्टेशन से फाफाडीह तक 38,234, शास्त...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 03:26:32 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 03:26:32 PM (IST)
रायपुर में 99 हजार लोग रोज खतरे में करते हैं सफर! चलने के लिए नहीं है फुटपाथ, सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी बेअसर
रायपुर में 99 हजार लोग रोज खतरे में करते हैं सफर

HighLights

  1. राजधानी के तीन प्रमुख इलाकों में रोज 99,249 पैदल यात्री
  2. स्टेशन और अस्पताल के बाहर सुरक्षित फुटपाथ का अभाव
  3. फुटपाथ पर अतिक्रमण से जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। एक हाथ में बैग, दूसरे में बच्चे का हाथ और सामने तेज रफ्तार गाड़ियां... राजधानी में हजारों लोगों का रोज का सफर कुछ ऐसा ही है। छह साल पुराने सरकारी सर्वे में सिर्फ तीन प्रमुख हिस्सों में रोज 99,249 पैदल यात्रियों की आवाजाही दर्ज हुई थी। रेलवे स्टेशन से फाफाडीह तक 38,234, शास्त्री चौक में 35,920 और आंबेडकर अस्पताल चौक में 25,095 लोग रोज पैदल चलते हैं।

स्टेशन पर ट्रेन से उतरने वाला यात्री सामान लेकर सड़क के किनारे चलता है। आंबेडकर अस्पताल आने वाला मरीज या उसका परिजन वाहनों के बीच रास्ता तलाशता है। शास्त्री चौक में हजारों लोगों की पैदल आवाजाही के बावजूद सड़क का बड़ा हिस्सा वाहनों के लिए है। यानी शहर की रफ्तार बढ़ी, लेकिन पैदल चलने वाले के हिस्से की सुरक्षित जगह अब भी सवाल बनी हुई है।


38 हजार लोग स्टेशन से निकलते हैं, सड़क ही रास्ता

रेलवे स्टेशन-फाफाडीह मार्ग पर 2019 के सर्वे में रोज 38,234 पैदल यात्रियों की आवाजाही दर्ज हुई थी। यहां सबसे बड़ी परेशानी उन यात्रियों की है, जो ट्रेन से उतरकर सामान के साथ आगे बढ़ते हैं। ऑटो, बस, दोपहिया और कारों के बीच उन्हें सड़क के किनारे से निकलना पड़ता है। पैदल यात्री के लिए लगातार और सुरक्षित रास्ता नहीं होने पर कुछ कदमों का सफर भी जोखिम भरा हो जाता है। सवाल यह है कि इतने बड़े पैदल दबाव वाले मार्ग पर छह साल बाद भी स्थायी पैदल मार्ग की जरूरत पूरी क्यों नहीं हुई?

अस्पताल जाने वाला मरीज भी वाहनों के बीच

आंबेडकर अस्पताल चौक पर रोज 25,095 पैदल यात्रियों की आवाजाही 2019 के सर्वे में दर्ज थी। इनमें मरीज, उनके परिजन, विद्यार्थी और आसपास के लोग शामिल हैं। अस्पताल पहुंचने वाला व्यक्ति सामान्य राहगीर नहीं होता। कई मरीज खुद चलने की स्थिति में नहीं होते और उनके साथ परिजन होते हैं। इसके बावजूद आसपास पैदल आवाजाही के लिए सुरक्षित और निर्बाध जगह की जरूरत बनी हुई है। शास्त्री चौक पर भी 35,920 पैदल यात्रियों का दबाव दर्ज किया गया था। ऐसे स्थानों पर फुटपाथ, सुरक्षित क्रासिंग और पैदल मार्ग की स्थिति सबसे अहम हो जाती है।

पुरानी सड़कें ही नहीं, नई में भी सवाल

शहर की पुरानी व्यस्त सड़कों पर फुटपाथ की कमी लंबे समय से दिखाई देती है। लेकिन सवाल केवल पुरानी सड़कों का नहीं है। नई सड़कें बनाते और यातायात ढांचा तैयार करते समय पैदल यात्रियों के लिए कितनी जगह छोड़ी जा रही है, यह भी जांच का विषय है। सड़क चौड़ी करने या वाहनों की आवाजाही आसान बनाने से ट्रैफिक तो सुधर सकता है, लेकिन पैदल यात्री के लिए रास्ता नहीं बचा तो व्यवस्था अधूरी रह जाएगी।

मार्ग/क्षेत्र रोजाना पैदल यात्री
रेलवे स्टेशन-फाफाडीह 38,234
शास्त्री चौक 35,920
आंबेडकर अस्पताल चौक 25,095
कुल 99,249

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और जमीनी हकीकत

सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं। इसके बावजूद शहर में ऐसी सड़कों की कमी नहीं जहां पैदल यात्री को वाहन और सड़क के बीच अपनी जगह तलाशनी पड़ती है। फुटपाथ है तो कई जगह उस पर दूसरा उपयोग, अतिक्रमण या अवरोध नजर आता है। ऐसे में सवाल केवल फुटपाथ बनाने का नहीं, उसे पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और लगातार उपलब्ध कराने का भी है।

महापौर मीनल चौबे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का शब्दशः पालन होना चाहिए। जिन सड़कों पर फुटपाथ बनाने की गुंजाइश है, वहां इसे बनाया जाएगा। नगर निगम लगातार फुटपाथ पर हुए अस्थायी निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

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