कांगेर वैली नेशनल पार्क में दिख रहे पहाड़ी मैना के झुंड, बनेगा ब्रिडिंग सेंटर
उन्होने बताया कि पहाड़ी मैना कांगेर वैली नेशनल पार्क में काफी संख्या में देखी गई हैं। ...और पढ़ें
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Publish Date: Wed, 18 Apr 2018 08:11:14 AM (IST)Updated Date: Thu, 19 Apr 2018 08:50:46 AM (IST)

रायपुर। इंसान की तरह आवाज निकालने वाले राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना की विलुप्त होती प्रजाति को लेकर चिंता के बीच इन्हें बचाने के लिए आशा की एक किरण दिख रही है। इन दिनों कांगेर वैली नेशनल पार्क में पहाड़ी मैना का एक अच्छा खासा झुंड नजर आ रहा है।
इसके साथ ही वन विभाग द्वारा राजकीय पक्षी की प्रजाति को बचाने के लिए नया रायपुर के जंगल सफारी में इनका ब्रिडिंग सेंटर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर राज्य शासन को भेज दिया है। शासन स्तर पर हरी झंडी मिलने पर ब्रिडिंग सेंटर बनाने का काम शुरू किया जाएगा।
खास विशेषता के चलते तस्करों की नजर
गौरतलब है कि बस्तर में पाई जाने वाली पहाड़ी मैना अन्य देश में पाई जाने वाली मैना से अलग है। यह कांगेर घाटी के गंगालूर, बारसूर और बैलाडीला की पहाड़ियों के अलावा छत्तीसगढ़ और ओडिसा की सीमा पर स्थित गुप्तेश्वर क्षेत्र में पाई जाती है।
पहाड़ी मैना तोते की तरह इंसान की भांति बोलती है। इसके साथ ही यह आवाज की सटीक नकल करती हैं। इसकी प्रतिभा ही इनके अस्तीत्व का संकट बनी हुई है। इसके अवैध व्यापार और शिकार को रोकने के लिए भी वन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
पहले की तुलना में सुधर रहे हालात
वन विभाग के अधिकारी ने बताया जंगल सफारी में करीब चार सौ वर्ग फीट क्षेत्र में बनाया जाएगा। इस जगह को पूरी तरह से बस्तर के वातावरण जैसा रहेगा। जंगल सफारी में उनको पिंजरे में ना रखकर ब्रिडिंग सेंटर में रखा जाएगा।
इसका मकसद है कि उनका प्रजनन कराया जाए जिससे लुप्त होती पहाड़ी मैना की संख्या में वृद्धी हो सके। अधिकारियों का मानना है कि पहाड़ी मैना की स्थिति में पहले की अपेक्षा काफी सुधार हुआ है। उन्होने बताया कि पहाड़ी मैना कांगेर वैली नेशनल पार्क में काफी संख्या में देखी गई हैं।
प्रजाति को बचाने की चुनौती
जंगल सफारी में पहाड़ी मैना को रखना अधिकारियों के लिए चुनौती साबित होगी। क्योंकि कुछ साल पहले जगदलपुर में ठीक इसी तरह की कोशिश वन विभाग द्वारा की गई थी, लेकिन अधिकारियों को सफलता प्राप्त नहीं हुई थी। अब अधिकारियों ने जंगल सफारी में पहाड़ी मैना का ब्रिडिंग सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। जंगल सफारी में बस्तर जैसा वातारण मुहैया कराना अधिकारियों के लिए चुनौती होगी।
पहाड़ी मैना के झुंड इन दिनों कांगेर वैली नेशनल पार्क में दिख रहे हैं। जंगल सफारी में इनका ब्रिडिंग सेंटर बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही इसपर काम शुरू कर दिया जाएगा। - अरूण त्रिपाठी, एसडीओ, जंगल सफारी