Plastic Recycling Plant Raipur: गोकुलनगर में प्लास्टिक कचरा और खाली बाेतलों की रिसाइक्लिंग का तीन एकड़ में प्लांट
Plastic Recycling Plant Raipur: रिसाक्लिंग प्लांट को मटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (एमआरएफ) नाम दिया गया है। ...और पढ़ें
By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Sun, 31 Oct 2021 12:34:23 PM (IST)Updated Date: Sun, 31 Oct 2021 12:34:23 PM (IST)

Plastic Recycling Plant Raipur: रायपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा इलाके के गाेकुलनगर में प्लास्टिक कचरे और खाली बोतलों की रिसाइक्लिंग की जाएगी। इसके लिए प्लांट लगाने की योजना की कवायद एक बार फिर से तेज हो गई है।दस करोड़ की लागत से तीन एकड़ में यह प्लांट स्थापित किया जायेगा। इस प्लांट में प्लास्टिक कचरे को रिसाइक्लिंग करने के बाद प्लास्टिक के कचरे और वेस्ट बोतलों को दाने में तब्दील कर निगम बेचकर अपनी आमदनी बढ़ायेगी। रिसाक्लिंग प्लांट को मटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (एमआरएफ) नाम दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष नागभूषण राव ने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही रामकी कंपनी रिसाइक्लिंग प्लांट बनाएगी। रिसाइक्लिंग प्लांट में प्लास्टिक का कचरा संकरी ट्रेचिंग ग्राउंड से पहुंचेगा। वहां इसे अलग कर गोकुलनगर लाया जाएगा। यहां भी सफाई के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। दरअसल प्लास्टिक बोतलों के कारण नाली-नाले चोक हो रही थी।सफाई के दौरान प्लास्टिक कचरे ज्यादा निकलते है।लिहाजा इससे प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल प्लांट में करने से नाली-नाले के चोक होने की समस्या से निजात मिलेगी और पर्यावरण भी साफ रहेगा।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि प्लास्टिक रिसाइक्लिंग प्लांट लगने के बाद रायपुर नगर निगम देश के गिने-चुने निगमों में शामिल हो जाएगा। प्लांट की वजह से वायु प्रदूषण भी कम होगा।जल्द ही रामकी कंपनी चयनित जगह पर काम शुरू करेगी। कचरा से प्लास्टिक अलग करने के लिए कर्मचारियों की अलग से नियुक्ति की जाएगी। उनसे केवल कचरे से प्लास्टिक अलग करने का ही काम लिया जाएगा। वर्तमान में गोकुलनगर में आठ से दस कर्मचारियों को तैनात किया गया है।