
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवा रायपुर में आयोजित 60वीं डीजीपी-आईजी कान्फ्रेंस (DGP-IG Conference) के दूसरे दिन कहा कि देश की सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस बलों को आधुनिक तकनीक, डेटा-ड्रिवन माडल और एआई आधारित समाधानों को अपनाने की सलाह दी, जिससे सुरक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
पीएम मोदी ने पुलिस बलों की सेवाओं, समर्पण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनके कार्यों की सराहना की। इस सम्मेलन का आयोजन भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में किया गया है, जहां पीएम मोदी ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए डिजिटल टूल्स के उपयोग और राज्यों के बीच साझा रणनीति की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने से न केवल सहयोग बढ़ता है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत सुरक्षा ढांचा भी तैयार होता है। प्रधानमंत्री मोदी और शाह के समक्ष शनिवार को चार प्रमुख सत्र आयोजित हुए। इनमें वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद-निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिसिंग में एआई व फोरेंसिक तकनीक के उपयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विभिन्न राज्यों के पुलिस प्रमुखों ने अपने-अपने प्रदेशों की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा में तकनीक के बढ़ते उपयोग, जन आंदोलनों के प्रबंधन, फोरेंसिक साइंस के व्यापक उपयोग और अनुसंधान की क्षमता बढ़ाने, सुरक्षा चुनौतियों और सुधारों पर प्रेजेंटेशन दिए। अधिकारियों ने बताया कि शाम के सत्र में इंटेलिजेंस ब्यूरो के विशेष निदेशक तपन कुमार डेका ने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए विजन 2047 का रोडमैप पेश किया।
मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना और छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने भी अपने राज्यों की सुरक्षा स्थिति से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, खुफिया ब्यूरो प्रमुख तपन कुमार डेका, सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद सहित सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने 'बस्तर 2.0' पर अपनी बात रखते हुए 31 मार्च 2026 तक माओवाद के पूर्ण उन्मूलन के बाद बस्तर में विकास की रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बस्तर में माओवाद के खिलाफ जारी कार्रवाई, उपलब्धियों और आगामी रणनीतियों की जानकारी देते हुए कहा कि माओवाद के पूर्ण खात्मे के लक्ष्य पर तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि माओवाद का समूल उन्मूलन सुनिश्चित किया जाएगा और इसी दिशा में ठोस व अंतिम रणनीति बनाई जा रही है।
यह सम्मेलन उस समय आयोजित किया गया है, जब कुछ सप्ताह पहले लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के पीछे सक्रिय एक सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का राजफाश हुआ था। राज्यों के पुलिस अधिकारियों को इस फोरम से नई तकनीकों और नीतियों की जानकारी मिली है, जिन्हें वे अपने-अपने राज्यों में लागू कर सकेंगे। आधुनिक आपराधिक कानूनों का सही उपयोग पुलिसिंग को और प्रभावी बनाएगा।
तीन दिवसीय कान्फ्रेंस का रविवार को अंतिम दिन है। पीएम आज पुलिस पदक से अधिकारियों को सम्मानित करेंगे। पीएम ने एक्स पर किया पोस्ट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्मेलन के दूसरे दिन अध्यक्षता की और एक्स पर एक पोस्ट किया कि रायपुर में पुलिस महानिदेशक-पुलिस महानिरीक्षक सम्मेलन के पहले दिन भारत की सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। यह इस क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों को साझा करने का एक बेहतरीन मंच है।
यह भी पढ़ें- SIR in Chhattisgarh: फर्जी Voter ID बनवाने वालों की अब खैर नहीं, संदिग्धों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
दो दिन में इन विषयों पर मंथन जन-आंदोलनों के प्रभावी प्रबंधन के लिए मजबूत और प्रभावी तंत्र की आवश्यकता। भारतीय भगोड़ों की वतन वापसी के लिए रोडमैप तैयार करना। अनुसंधान में फोरेंसिक तकनीक के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना। सफल जांच सुनिश्चित करने और अपराध समाधान दर बढ़ाने की रणनीतियां।