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SIR in Chhattisgarh: फर्जी Voter ID बनवाने वालों की अब खैर नहीं, संदिग्धों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में चल रहे वोटर लिस्ट के SIR के दौरान सामने आए संदिग्ध और संभावित फर्जी नामों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने...और पढ़ें

By Abhishek RaiEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sun, 30 Nov 2025 09:23:34 AM (IST)Updated Date: Sun, 30 Nov 2025 09:32:14 AM (IST)
SIR in Chhattisgarh: फर्जी Voter ID बनवाने वालों की अब खैर नहीं, संदिग्धों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई

HighLights

  1. SIR के दौरान सामने आए संदिग्ध नामों के खिलाफ कार्रवाई
  2. विदेशी अधिनियम और अवैध प्रवासी अधिनियम के तहत कार्रवाई
  3. संदिग्धों के दस्तावेजों, मूल निवास और नागरिकता की जांच की जाएगी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सामने आए संदिग्ध और संभावित फर्जी नामों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रूख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और प्रत्येक संदिग्ध प्रविष्टि की तह तक जाकर जांच की जाएगी।

2003 की मतदाता सूची में जिनके एक भी ब्लड रिलेटिव (परिवार के सदस्य) का नाम नहीं होगा, उन पर विदेशी अधिनियम और अवैध प्रवासी अधिनियम के तहत कठोर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएंगे और ऐसे लोगों को जेल भेजने में भी कोई हिचक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 की मूल मतदाता सूची में जिन व्यक्तियों या उनके किसी स्वजन का कोई रिकॉर्ड नहीं है, ऐसे नामों की अचानक मौजूदगी गंभीर सवाल खड़े करती है।


साथ ही उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग वर्षों से राज्य में निवासरत हैं, उनके परिवारों का उल्लेख अवश्य मिलेगा। यदि ऐसा नहीं है, तो संबंधित व्यक्तियों के मूल निवास, दस्तावेजों और नागरिकता की जांच की जाएगी तथा दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि एसआईआर केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के संसाधनों और अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण साधन है। यदि कोई व्यक्ति अवैध तरीके से देश में प्रवेश कर मतदाता सूची में शामिल होने की कोशिश करता है, तो इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह जानना है जरूरी

घर-घर गणना चरण का कार्य - चार नवंबर से चार दिसंबर तक

ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन - नौ दिसंबर

दावा आपत्ति - नौ दिसंबर से आठ जनवरी 2026

सुनवाई और सत्यापनः नौ दिसंबर से 31 जनवरी 2026

मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन- सात फरवरी

वैध नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता नहीं

उपमुख्यमंत्री ने लोगों से अपील किया कि मतदाता सूची को स्वच्छ बनाने में सहयोग करें। बीएलओ लगातार घर-घर पहुंचकर आवेदन भरवा रहे हैं और ऑनलाइन विकल्प भी उपलब्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वैध नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी चाहिए, बल्कि केवल अवैध प्रवासियों और फर्जी पहचान बनाने वालों को ही भय होना चाहिए।

देश किसी भी प्रकार की घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं करेगा और राज्य सरकार इस दिशा में पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। यह देश भारतीयों का है, कोई दूसरे देश से आकर यहां के लोगों के अधिकारों और संसाधनों को नहीं छीन सकता।

यह भी पढ़ें- SIR प्रक्रिया हुई आसान, अब मोबाइल से भरें ऑनलाइन फॉर्म, EPIC नंबर से आवेदन की स्थिति करें ट्रैक

इनसे ले सकते हैं मदद

यदि आपके राज्य में एसआईआर हो रहा है और मन में उसे लेकर किसी तरह का संदेह है तो अब आप अपने बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) से सीधे बात कर सकते हैं, चुनाव आयोग ने बुक ए काल बिद बीएलओ नाम से एक टोलफ्री नई सेवा शुरू की है। कोई भी अपने एसटीडी कोड के साथ 1950 पर काल कर सकता है।