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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खुद को बताया इंटेलिजेंस ब्यूरो का अधिकारी, रायपुर पुलिस को हुआ शक, चेक करने पर फर्जी निकला दावा

CG News: पुलिस जब उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई करने लगी तो युवक ने अचानक अपने पास रखा एक आईबी अधिकारी का पहचान पत्र दिखाया और खुद को 'सहायक केंद्रीय खुफ...और पढ़ें

By Mohan KumarEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sun, 31 Aug 2025 09:42:31 PM (IST)Updated Date: Sun, 31 Aug 2025 09:42:31 PM (IST)
खुद को बताया इंटेलिजेंस ब्यूरो का अधिकारी, रायपुर पुलिस को हुआ शक, चेक करने पर फर्जी निकला दावा
पुलिस के हत्थे चढ़ा फर्जी IB अधिकारी

HighLights

  1. पुलिस के हत्थे चढ़ा फर्जी IB अधिकारी
  2. युवक ने आईबी अधिकारी का पहचान पत्र दिखाया
  3. पुलिस ने गिरफ्तार किया युवक

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी पहचान पत्र के जरिए खुद को इंटेलीजेंस ब्यूरो (I.B.) अधिकारी बताकर लोगों पर रौब झाड़ता था। जानकारी के अनुसार, थाना आमानाका पुलिस ने 31 अगस्त की रात चंदनडीह चौक नंदनवन जीई रोड के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया।

इस दौरान तेज रफ्तार और लापरवाही से एक्टिवा (क्रमांक MP04YJ1386) चलाते हुए युवक को रोका गया। उसका नाम पूछने पर उसने खुद को विशाल कुमार (29 वर्ष), निवासी नर्मदापुरम रोड, भोपाल (म.प्र.) बताया। वर्तमान में वह टिकरापारा रायपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहा था।


पुलिस जब उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई करने लगी तो युवक ने अचानक अपने पास रखा एक आई.बी. अधिकारी का पहचान पत्र दिखाया और खुद को “सहायक केंद्रीय खुफिया अधिकारी” बताकर कार्रवाई रोकने का दबाव बनाने लगा। पहचान पत्र पर भारत सरकार और गृह मंत्रालय का मोनोग्राम छपा हुआ था।

पुलिस को जब आई.डी. पर शंका हुई तो तत्काल उसकी तस्दीक की गई, जिसमें यह पूरी तरह फर्जी निकला। जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस फर्जी पहचान पत्र का उपयोग कर लोगों को प्रभावित करने और रौब जमाने का काम कर रहा था।

फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर थाना आमानाका में अपराध क्रमांक 286/25 धारा 319(2), 336(3), 340(2) BNS एवं 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि राजधानी में चल रहे विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान यह बड़ी सफलता मिली है। अब पुलिस आरोपी से यह पूछताछ कर रही है कि उसने यह फर्जी पहचान पत्र कहां से बनवाया और अब तक कितनों को धोखा दिया है।