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छत्तीसगढ़ में रेलवे का बढ़ रहा दायरा, दो साल में दोगुनी हो जाएंगी पैसेंजर ट्रेनें; बजट में 24 गुना की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

छत्तीसगढ़ में रेलवे को नई रफ्तार मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने रेलवे बजट में राज्य को 7470 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी है। इसके साथ ही प्रदेश में ...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Tue, 03 Feb 2026 07:50:38 AM (IST)Updated Date: Tue, 03 Feb 2026 07:58:43 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में रेलवे का बढ़ रहा दायरा, दो साल में दोगुनी हो जाएंगी पैसेंजर ट्रेनें; बजट में 24 गुना की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
छत्तीसगढ़ में रेलवे का तेजी से हो रहा विकास (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. इस वर्ष बजट में 7,470 करोड़ रुपये का आवंटन
  2. 51 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम जारी
  3. वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 216 ट्रेनें संचालित हो रही

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: प्रदेश में में रेलवे का दायरा बढ़ रहा है। रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बजट में 7,470 करोड़ का प्राविधान किया है। इस वर्ष राज्य के लिए 7,470 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो 2009-14 के औसत बजट 311 करोड़ की तुलना में 24 गुना अधिक है। इस ऐतिहासिक पूंजी निवेश से राज्य में कुल 51,080 करोड़ की रेल परियोजनाएं गति पकड़ रही हैं।

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छत्तीसगढ़ में रेल आवागमन को नई रफ्तार मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने रेलवे बजट में राज्य को 7470 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी है। इसके साथ ही प्रदेश में पहले से चल रहे 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक के रेलवे प्रोजेक्ट भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के धरातल पर उतरते ही अगले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में पैसेंजर ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल राज्य में प्रतिदिन चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों से करीब 70 हजार यात्री रोजाना सफर कर रहे हैं। ट्रेनों की संख्या बढ़ने से न केवल यात्रियों को सीट की सुविधा मिलेगी, बल्कि सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा। इससे सड़क जाम, दुर्घटनाओं और मौत के मामलों में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

रोजाना 70 हजार से ज्यादा लोग करते हैं रेल यात्रा

छत्तीसगढ़ में रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा, महासमुंद जैसे शहरों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना नौकरी और व्यापार के लिए एक-दूसरे शहरों की यात्रा करते हैं। अनुमान है कि वर्तमान में करीब 40 प्रतिशत यात्री मजबूरी में खड़े होकर सफर कर रहे हैं। नई पैसेंजर ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और रेल यात्रा को लोग प्राथमिकता देंगे।

216 ट्रेनें चल रही, पैसेंजर ट्रेनों की संख्या होगी दोगुनी

वर्तमान स्थिति की बात करें तो छत्तीसगढ़ में कुल 216 ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इनमें 162 मेल-एक्सप्रेस और 54 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे की योजना के अनुसार अगले दो साल में पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर लगभग दोगुनी की जाएगी। इसके साथ ही यात्रियों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत तक इजाफा होने का अनुमान है।

बड़े प्रोजेक्ट्स से बदलेगी तस्वीर

रेलवे के 51 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स में नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशन विस्तार और आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दूर-दराज के इलाकों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे रोजगार, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

वहीं रावघाट रेल परियोजना भी तेजी से पूरा किया जा रहा है रेलवे अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चूका है।सड़क पर दबाव होगा कम-जैसे-जैसे पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, लोग बस और निजी वाहनों के बजाय ट्रेन को प्राथमिकता देंगे। इससे हाईवे और शहरों की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।

-केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ रेलवे को 7470 करोड मिला है जिससे छत्तीसगढ़ में रेलवे कनेक्टिविटी और मजबूत होगी साथ ही पैसेंजर ट्रेनों की संख्या दो गुनी होगी।

-अश्विनी वैष्णव केंद्रीय रेल मंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे राज्य के लिए 'डबल इंजन' सरकार का बड़ा तोहफा बताते हुए कहा कि इस निवेश से प्रदेश रेल सुविधाओं के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री साय ने आंकड़ों के जरिए विकास की तस्वीर पेश करते हुए बताया कि वर्तमान में राज्य में वृहद स्तर पर रेल प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जिनमें नए ट्रैक बिछाने से लेकर स्टेशनों का कायाकल्प तक शामिल है।

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बस्तर के लिए नई राह और दोगुनी होंगी ट्रेनें

बस्तर के विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रावघाट-जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट का प्रारंभ होना जनजातीय समाज के लिए एक अमूल्य उपहार है। साथ ही, परमलकसा-खरसिया कॉरिडोर और नए फ्रेट कॉरिडोर की स्वीकृति से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में यात्री गाड़ियों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी।

बदल रही 32 स्टेशनों की सूरत

अमृत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 32 स्टेशनों का 1,674 करोड़ रुपये से आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें डोंगरगढ़ और अंबिकापुर जैसे स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं। राज्य में वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनें पहले ही रफ्तार भर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और ''''कवच'''' सुरक्षा प्रणाली की स्थापना से छत्तीसगढ़ का रेल सफर अब पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम होगा।