छत्तीसगढ़ के स्कूल विभाग में फर्जी तबादला, रायपुर समेत 15 जिलों के डीईओ तलब; शुरू हुई जांच
स्कूल शिक्षा विभाग में फर्जी स्थानांतरण आदेश जारी होने का मामला सामने आया है।
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 08:14:13 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 08:34:15 PM (IST)
रायपुर समेत 15 जिलों के डीईओ तलब, फोटो-एआई जनरेटेडHighLights
- प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग में फर्जी ट्रांसफर
- रायपुर समेत 15 जिलों के डीईओ तलब
- लोक शिक्षण संचालनालय ने शुरू की जांच
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में फर्जी स्थानांतरण आदेश जारी होने का मामला सामने आया है। छह अगस्त 2026 के आदेश के जरिए 19 शिक्षक-व्याख्याताओं का तबादला किया गया। संबंधित जिलों में जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) ने इस आदेश के आधार पर नियुक्तियां भी दे दीं।
इस मामले में रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, दुर्ग, बेमेतरा, बस्तर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलरामपुर-रामानुजगंज, राजनांदगांव, उत्तर बस्तर कांकेर, बालोद, कबीरधाम, धमतरी, सरगुजा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के डीईओ से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।
लोक शिक्षण संचालनालय ने पत्र जारी कर जरूरी जानकारी और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। फर्जी आदेश के पीछे लेन-देन की भी आशंका है, इसलिए जिनका फर्जी तबादला आदेश में नाम है उनसे भी पूछताछ की जाएगी। साथ ही जिन्होंने ज्वाइनिंग दी है उनसे भी जवाब-तलब किया जाएगा।
सरकारी अफसरों की भूमिका संदिग्ध
विभागीय सूत्रों के अनुसार, फर्जी आदेश से जुड़े मामले में संबंधित शासकीय सेवकों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है। कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी है। सूत्रों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग में पिछले छह महीने के भीतर लगभग 700 स्थानांतरण आदेश जारी हुए हैं।
इनमें ज्यादातर प्रतिनियुक्ति के आदेश हैं। ट्राइबल इलाकों से लोगों को लाकर संयुक्त संचालकों के कार्यालयों में निर्धारित पदों से अधिक संख्या में बैठाया गया है। इसी दौरान फर्जी आदेश भी जारी हुआ। अन्य आदेशों की भी जांच कराई जा सकती है।
सरकारी लेटरहेड और अवर सचिव के हस्ताक्षर का इस्तेमाल
विभाग के मुताबिक, फर्जी आदेश तैयार करने में छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के आधिकारिक लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया। अवर सचिव आर.पी. वर्मा के नाम, पदमुद्रा और हस्ताक्षर का भी कथित तौर पर दुरुपयोग हुआ। आदेश क्रमांक ईएसटीबी 102/755/2026/20-3 पर छह अगस्त 2026 की तारीख दर्ज है।