कांग्रेस कार्यालय घेराव बना रणभूमि, रायपुर में भाजपा-कांग्रेस टकराए, पुलिस ने किया वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल
रायपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। कांग्रेस कार्यालय घेराव के दौरान पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
Publish Date: Wed, 22 Jul 2026 04:11:43 PM (IST)Updated Date: Wed, 22 Jul 2026 04:11:43 PM (IST)
रायपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- रायपुर में भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी।
- कांग्रेस कार्यालय घेराव के दौरान जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई।
- पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के घेराव के आह्वान के विरोध में बुधवार को रायपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। कांग्रेस कार्यालय के घेराव के लिए पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी, धक्का-मुक्की और संघर्ष जैसे हालात बन गए, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन को हालात नियंत्रित करने के लिए पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा और बाद में आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े।
राहुल गांधी चाहते हैं देश में अराजकता
भाजपा की ओर से पहले ही कांग्रेस कार्यालय घेराव का ऐलान किया गया था। पार्टी ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के घेराव के जरिए देश में अराजकता और हिंसा का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के विरोध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच कर रहे थे।
पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोका
- पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। बैरिकेडिंग कर भाजपा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोका गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, जिससे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई तथा दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी आमने-सामने आ गए।
स्थिति बेकाबू होती देख प्रशासन ने पहले वाटर कैनन से भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया, लेकिन जब प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। आंसू गैस के कारण प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। कई कार्यकर्ता और नेता वहां से दूर हट गए, जबकि पुलिस ने भीड़ को पीछे धकेलकर स्थिति पर नियंत्रण किया।
घटना के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। ये खबर भी पढ़ें- ड्रग्स केस में पुलिस की घोर लापरवाही! भड़के छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने डीजीपी को दिए कार्रवाई के निर्देश