• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

हाथ में गीता, आंखों में नई जिंदगी का सपना... 15 अगस्त से पहले रायपुर जेल से नौ सजायाफ्ता कैदी रिहा

रायपुर केंद्रीय जेल से स्वतंत्रता दिवस से पहले नौ आजीवन कारावास वाले कैदियों को अच्छे आचरण के आधार पर रिहा किया गया। प्रदेश की पांच जेलों से 100 रिहाई...और पढ़ें

By Deepak ShuklaEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Thu, 13 Aug 2026 06:26:25 PM (IST)Updated Date: Thu, 13 Aug 2026 06:28:46 PM (IST)
हाथ में गीता, आंखों में नई जिंदगी का सपना... 15 अगस्त से पहले रायपुर जेल से नौ सजायाफ्ता कैदी रिहा
रायपुर केंद्रीय जेल से कैदियों की रिहाई। ()

HighLights

  1. रायपुर जेल से एक महिला समेत नौ कैदी रिहा।
  2. रिहा कैदियों के हाथों में गीता थी, चेहरों पर भावुकता।
  3. अच्छे आचरण के आधार पर सजा में छूट मिली।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। स्वतंत्रता दिवस से पहले रायपुर केंद्रीय जेल से गुरुवार को एक महिला समेत नौ आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों को रिहा किया गया। जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकलते समय सभी के हाथ में गीता थी।

लंबे समय बाद खुली हवा में कदम रखते हुए किसी के चेहरे पर मुस्कान थी तो कोई भावुक नजर आया। परिवार के कुछ सदस्य अपने स्वजनों को लेने पहुंचे थे, जबकि कुछ कैदी अकेले ही जेल से बाहर निकले। बातचीत में कहा कि अब बाकी जिंदगी अच्छे से गुजारनी है, जबकि कुछ बिना कुछ कहे मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए।


20 आजीवन कारावास के बंदियों की रिहाई प्रस्तावित

जेल प्रशासन के अनुसार राज्य शासन के आदेश और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अच्छे आचरण एवं व्यवहार वाले पात्र बंदियों को सजा में छूट का लाभ दिया गया है। रायपुर केंद्रीय जेल से कुल 20 आजीवन कारावास के बंदियों की रिहाई प्रस्तावित है। इनमें से नौ को गुरुवार को रिहा कर दिया गया, जबकि 12 अन्य बंदियों के नाम भी तैयार हैं, जिन्हें गुरुवार या शुक्रवार को रिहा किए जाने की संभावना है।

अच्छे काम और आचरण से मिलती है सजा में छूट:

  • जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने बताया कि बंदियों को जेल में उनके काम और आचरण के आधार पर सजा में छूट यानी परिहार का लाभ दिया जाता है। यह किसी एक अधिकारी के निर्णय पर निर्भर नहीं होता, बल्कि बंदी के पूरे जेल रिकार्ड और व्यवहार को देखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जाता है।

  • बंदी जिस स्थान पर काम करता है, वहां से उसके कार्य और व्यवहार की शुरुआती जानकारी तैयार होती है। इसके बाद अलग-अलग स्तर के अधिकारियों से उसका फीडबैक लिया जाता है।
  • पूरी प्रक्रिया के बाद पात्र बंदियों की सजा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाती है। यदि कोई बंदी जेल में सौंपे गए काम को जिम्मेदारी से करता है, जेल के नियमों का पालन करता है और अनुशासनहीनता से दूर रहता है तो उसके आचरण को अच्छा माना जाता है।
  • जेल पहुंचते ही तैयार होती है हिस्ट्री टिकट

    • जेल अधीक्षक के मुताबिक किसी व्यक्ति को सजा होने के बाद उसे कंविक्ट बंदी के रूप में दंडित शाखा में दर्ज किया जाता है। इसके बाद उसकी हिस्ट्री टिकट तैयार होती है। इसमें उसकी सजा, मामले और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज की जाती है। बंदी से उसकी अपील की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली जाती है।
    • यदि उसने अपील नहीं की है तो जरूरत के अनुसार उसे विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके बाद बंदी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है और उसकी रुचि व क्षमता के अनुसार जेल में काम सौंपा जाता है। काम शुरू करने से पहले उसे यह भी बताया जाता है कि बेहतर कार्य और अच्छा आचरण बनाए रखने पर नियमों के अनुसार सजा में छूट मिल सकती है।

    हर महीने आचरण के आधार पर मिलती है माफी

    • जेल प्रशासन के अनुसार अच्छे आचरण और कार्य के आधार पर बंदियों को नियमानुसार हर महीने सजा में माफी का लाभ मिलता है। सामान्य रूप से तीन दिन और तीन दिन यानी कुल छह दिन तक की माफी का प्रावधान बताया गया है।

  • यह छूट समय के साथ उसकी कुल सजा में कमी के रूप में जुड़ती रहती है। इसी प्रक्रिया के तहत पात्र बंदियों की शेष सजा में नियमानुसार परिहार दिया जाता है और उन्हें निर्धारित समय से पहले रिहा किया जाता है।
  • प्रदेश की पांच केंद्रीय जेलों से 100 कैदियों की रिहाई

    • बिलासपुर केंद्रीय जेल- 48 कैदी
    • रायपुर केंद्रीय जेल- 20 कैदी
    • दुर्ग केंद्रीय जेल- 16 कैदी
    • अंबिकापुर केंद्रीय जेल- 8 कैदी
    • जगदलपुर केंद्रीय जेल- 9 कैदी

    यह भी पढ़ें- स्मार्ट रायपुर की अनस्मार्ट हकीकत: 20 हजार ई-व्हीकल, चार चार्जिंग स्टेशन; रास्ते में बैटरी खत्म तो धक्का ही सहारा