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रायपुर सेंट्रल जेल के वायरल वीडियो में वसूली-मारपीट के आरोप, कैदियों ने दिखाए चोट के निशान

रायपुर सेंट्रल जेल के वायरल वीडियो में कैदियों ने प्रहरियों पर वसूली, मारपीट और मुलाकात में बाधा के आरोप लगाए हैं। जेल प्रबंधन ने वीडियो की पुष्टि नही...और पढ़ें

By Akhil Kumar SharmaEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 11:10:29 AM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 11:10:29 AM (IST)
रायपुर सेंट्रल जेल के वायरल वीडियो में वसूली-मारपीट के आरोप, कैदियों ने दिखाए चोट के निशान
रायपुर सेंट्रल जेल के वायरल वीडियो में वसूली-मारपीट के आरोप। (नईदुनिया)

HighLights

  1. कैदियों ने जेल प्रहरियों पर पैसे मांगने के आरोप लगाए।
  2. बैरक बदलने के लिए 15 से 20 हजार मांगने का आरोप।
  3. मुलाकात कराने के लिए पांच से सात हजार लेने का आरोप।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर : एक ओर आंबेडकर अस्पताल में सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में जेल में बंद टामन सिंह सोनवानी को कथित वीआइपी सुविधा दिए जाने का वीडियो सामने आया है। वहीं अब रायपुर सेंट्रल जेल के भीतर कैदियों से वसूली और मारपीट के आरोप लगाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में कैदियों ने जेल प्रहरियों पर पैसे मांगने, पैसे नहीं देने पर मारपीट करने और वकील व स्वजन से मुलाकात में परेशानी पैदा करने के आरोप लगाए हैं।

एक कैदी ने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए मारपीट का दावा किया है। साथ ही आनलाइन भुगतान के स्क्रीनशाट भी सामने आए हैं। हालांकि वीडियो और स्क्रीनशाट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।


बैरक बदलने के नाम पर 15 से 20 हजार मांगने का आरोप

  • एक वायरल वीडियो में कैदी ने आरोप लगाया कि जेल में कम भीड़ वाले बैरक या मेडिकल वार्ड में शिफ्ट करने के नाम पर 15 से 20 हजार रुपये तक मांगे जाते हैं। वकील और स्वजन से मुलाकात कराने के लिए पांच से सात हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया गया है।
  • कैदी के अनुसार, कई मामलों में भुगतान आनलाइन माध्यम से कराया जाता है। सामने आए स्क्रीनशाट में भी आनलाइन लेनदेन किये जाने का दावा किया गया है। कैदी ने कहा कि पैसे देने से मना करने पर मारपीट की जाती है और परिवार या वकील से मुलाकात में भी परेशानी खड़ी की जाती है।

दूसरे कैदी ने भी मारपीट का लगाया आरोप

एक अन्य वीडियो में स्टुपेंड-3 से बोलने का दावा करने वाले कैदी ने जेल में पैसे मांगने और मारपीट के आरोप लगाए। उसका कहना है कि अधिकारी वीआइपी कैदियों को बेहतर सुविधाएं देते हैं और अन्य कैदियों से पैसे की मांग करते हैं। कैदी ने हाथ और पैर पर चोट के निशान दिखाते हुए दावा किया कि पैसे नहीं देने पर उसके साथ मारपीट की गई और हाथ-पैर में फ्रैक्चर हुआ है। उसने वीआइपी कैदियों को बेहतर उपचार और सुविधाएं मिलने का भी आरोप लगाया।

चार प्रहरियों के नाम लेने का दावा

पहले वीडियो में कैदी ने मन्नत पुरैना, टेकराम, मिथिलेश और राजू साहू नाम के प्रहरियों पर आरोप लगाए हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि इनमें से कुछ प्रहरी करीब 20 साल से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। कैदी ने लंबे समय से एक ही जगह पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

जेल अधीक्षक ने वीडियो की पुष्टि से किया इन्कार

वायरल वीडियो में कैदी शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोट के निशान दिखाता नजर आ रहा है और समय पर उपचार नहीं मिलने का दावा कर रहा है। वहीं जेल प्रबंधन ने वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है।

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अभी वीडियो के बारे में कह नहीं सकते हैं

वायरल हो रहा वीडियो जेल का है या नहीं, यह अभी सुनिश्चित नहीं है। जेल में हजारों कैदी हैं। वे कब और कहां से वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं, यह कैसे कह सकते हैं। जेल में 200 से ज्यादा स्टाफ है। कौन है और कौन नहीं, मैं नहीं बता सकता। योगेश क्षत्री, जेल अधीक्षक, सेंट्रल जेल रायपुर

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