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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आउटर में भी ट्रैफिक रूल्स करने पड़ेंगे फॉलो, हेलमेट नहीं पहनने वालों पर होगी सख्ती

ट्रैफिक पुलिस ने सड़क हादसों का विश्लेषण किया है। इसमें यह बात सामने आई है कि हेलमेट नहीं लगाने की वजह से सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है। राजधानी के ...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Wed, 15 Jan 2025 02:18:11 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jan 2025 02:18:11 PM (IST)
आउटर में भी ट्रैफिक रूल्स करने पड़ेंगे फॉलो, हेलमेट नहीं पहनने वालों पर होगी सख्ती
कुछ लोग हेलमेट नहीं लगाने को शान समझते हैं। पुलिस को देखकर उल्टा भागने की कोशिश करते हैं। फोटो- प्रतीकात्मक।

HighLights

  1. साल 2023 में 1961 सड़क दुर्घटनाओं में 507 लोगों की मौत हुई थी।
  2. 2024 में 2079 सड़क हादसों में मृतकों की संख्या बढ़कर 594 हुई है।
  3. 2024 में सर्वाधिक 424 दोपहिया चालक और सवारों की मौत हुई है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। यातायात पुलिस अब राजधानी से बाहर जाने वाले बाइक सवारों के हेलमेट नहीं पहनने पर सख्ती बरतेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रायपुर जिले में वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या और अच्छी सड़कों पर वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है।

खासकर आउटर इलाके में बिना हेलमेट के दोपहिया चलाते हुए हादसे में सबसे अधिक मौतें हो रही हैं। मौतों को रोकने के लिए ही शहर से बाहर जाने वाले दोपहिया सवारों को अब हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा।

बताते चलें कि वर्ष 2023 में जहां 1961 सड़क दुर्घटनाओं में 507 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, वर्ष 2024 में 2079 सड़क हादसों में 594 लोगों की मौत हुई है। इसमें सर्वाधिक 424 दोपहिया चालक और सवार शामिल हैं।


ये बिना हेलमेट के वाहन चलाते हुए हादसे का शिकार हुए थे। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण ही इनकी मौत हुई थी। जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया चालकों की मौत का बढ़ रहा आंकड़ा काफी डरावना है।

सड़क हादसों के विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया है कि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण अधिक लोगों की मौत हुई है। दोपहिया चालक हेलमेट पहनकर निकलते, तो निश्चित ही 40-50 प्रतिशत मौतें कम होती हैं।

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इस तरह अलग-अलग वाहनों से हुए हादसे (प्रतिशत में)

69.93 बाइक चालकों, सवारों की मौत

15.48 पैदल यात्रियों की मौत

3.43 ट्रैक्टर सवारों की मौत

2.95 कार सवारों की मौत

2.73 साइकिल सवारों की मौत

2.18 मालवाहक सवारों की मौत

2.04 ट्रक-ट्रेलर सवारों की मौत

0.83 हल्के सवारी वाहन सवारों की मौत

0.73 बस सवारों की मौत

43 सबसे ज्यादा हादसे दोपहर तीन बजे से रात नौ बजे के बीच।

काम नहीं आ रहा जागरूकता अभियान

यातायात पुलिस सड़क हादसे में होने वाली मौतों को रोकने लगातार जागरूकता अभियान चलाने के साथ सख्ती से चालानी कार्रवाई भी कर रही है। दोपहिया चालकों को लगातार हेलमेट पहनकर ही गाड़ी चलाने की सीख दे रही है, बावजूद इसके चालक हाईवे में हेलमेट लगाकर चलने की आदत नही बना पाए हैं।

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‘हाईवे पर पांच जगहों में होगी जांच’

वाहन चालक सड़क पर निकलते हैं, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अनिवार्य रूप से यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाना है। दोपहिया में हेलमेट, चारपहिया में सीट बेल्ट लगाना है, नशे की हालत में व तेज रफ्तार वाहन नहीं चलाना है तभी दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। - गुरजीत सिंह, डीएसपी ट्रैफिक

लोग नहीं माने तो होगी चालानी कार्रवाई

डीएसपी ट्रैफिक ने कहा कि सड़क पर होनों वाली इन मौतों को कम करने के लिए पुलिस अब दोपहिया चालकों पर रख्ती करेगी। हाईवे में अनिवार्य रूप से हेलमेट धारण करने के लिए पहले लोगों को प्रेरित किया जाएगा।

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शहर के आउटर क्षेत्र के पांच जगहों को चिह्नांकित किया गया है। वहां पहले दोपहिया वाहन चालकों को समझाइश दी जाएगी। इसके बाद भी यदि लोग नहीं मानते हैं, तो सख्ती से जांच करके उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।