
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी से लगे ग्राम केंदुल में शासकीय नहर पाटकर अवैध प्लाटिंग किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी न पटवारी ने प्लाटिंग रुकवाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की और न तहसीलदार स्तर पर इसे रोका गया। इस बीच कृषि भूमि पर प्लाट काटने और उनकी रजिस्ट्री होने की बात भी सामने आई है। सबसे गंभीर पहलू यह है कि पूरा मामला पटवारी कार्यालय के सामने का है।
खसरा नंबर 116 और 117 की जमीन पर बिना वैधानिक अनुमति प्लाटिंग किए जाने के साथ शासकीय नहर में मिट्टी-मुरुम डालकर उसे बंद करने का आरोप है। मामले की शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में की गई थी। इसके बाद पटवारी उमा प्रधान ने कलेक्टर को रिपोर्ट भेज कर पल्ला झाड़ लिया। कलेक्टर ने संबंधित राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई करने और जमीन के खसरों को ब्लाक करने की बात कही है।
ग्रामीणों के मुताबिक खसरा नंबर 116/3, 117/4 और 117/5 शासकीय नहर मद की भूमि है। आरोप है कि इस पर मिट्टी और मलबा डालकर नहर का रास्ता बंद कर दिया गया, ताकि प्रस्तावित प्लाटिंग तक पहुंच मार्ग बनाया जा सके। यह नहर किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने और जल निकासी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नहर बंद रहने से बारिश के दौरान आसपास जलभराव और खेती को नुकसान होने की आशंका है। ग्रामीणों ने नहर को मूल स्वरूप में बहाल करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में खसरा नंबर 116/1, 116/2, 116/4, 116/5 और 117/1, 117/2, 117/3 तथा 117/6 की जमीन पर प्लॉटिंग का उल्लेख है। इस मामले में प्यारेलाल वर्मा, शंकरलाल वर्मा, नीलमणी वर्मा, ओमप्रकाश श्रीवास, मुरलीधर वर्मा और एजाज अली के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि कृषि भूमि का विधिवत डायवर्शन और कालोनी विकास की आवश्यक अनुमति लिए बिना प्लाट काटे गए। जमीन की रजिस्ट्री होने की बात भी कही जा रही है। इसकी पुष्टि संबंधित राजस्व अभिलेखों और पंजीयन दस्तावेजों से की जानी जरूरी है।
प्लाटिंग पटवारी कार्यालय के सामने हो रही है, शिकायत के बाद भी यदि नहर पाटने और जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक नहीं लगी, तो जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
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जनदर्शन में शिकायत के बाद मैंने रिपोर्ट तहसीलदार को भेज दी थी। आगे की कार्रवाई उनके माध्यम से ही की जाएगी। उमा प्रधान, पटवारी कांदुल
एसडीएम को भूमि पर प्लाटिंग करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट ली जाएगी।
डा. गौरव सिंह, कलेक्टर
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