
अभिषेक राय, रायपुर। दुर्ग जिले के रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पहले कैंसर को हराया, फिर 44 वर्षीय बेटे को किडनी दान कर नया जीवनदान दिया है। राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डाक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट किया है। किडनी की बीमारी से काफी वर्षों से युवक पीड़ित था। साथ ही हाइपो पैराथाइरायडिज्म और उच्च रक्तचाप था। डायलिसिस की वजह से कुछ रक्त वाहिनियों में कैल्शियम का जमाव हो गया था।
पीड़ित को क्रिएटनीन स्तर भी उच्च था और मूत्र में रक्त की शिकायत थी। युवक ने दूसरे राज्यों में इलाज कराया लेकिन राहत नहीं मिली थी। एम्स के नेफ्रोलाजी विभाग में पीड़ित गंभीर स्थिति में पहुंचा था। डाक्टरों ने काफी जांच के बाद किडनी ट्रांसप्लांट का निर्णय लिया। रोगी का सितंबर के दूसरे सप्ताह में ट्रांसप्लांट हुआ। पीड़ित को 70 वर्षीय पिता ने किडनी दान की।
पिता की पांच वर्ष पूर्व प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी हुई थी। डाक्टरों ने बताया कि युवक का किडनी ट्रांसप्लांट सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण था। युवक के पिता की पहले जांच कराई गई। रिपोर्ट में सक्रिय कैंसर कोशिका न पाए जाने के बाद किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। एम्स में इससे पूर्व जगदलपुर के 38 वर्षीय कार मैकेनिक की पत्नी ने किडनी दान की।
रोगी की दो वर्ष से डायलिसिस चल रही थी। इसका अगस्त में आपरेशन किया गया था। दोनों मरीज और किडनीदाता पूरी तरह से स्वस्थ हैं। दोनों किडनी ट्रांसप्लांट टीम में डा. अमित आर शर्मा, डा. दीपक बिस्वाल, डा. सत्यदेव शर्मा, डा. रोहित बड़गे, डा. जितेंद्र शामिल थे।