रायपुर में अनाथ नाबालिग से दुष्कर्म, भतीजी को डराकर गर्भवती करने वाले बड़े पिता और जीजा को 20 साल की जेल
रायपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने अनाथ नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उसके बड़े पिता और जीजा को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा और 7 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया है।
Publish Date: Tue, 27 Oct 2026 01:49:52 PM (IST)Updated Date: Tue, 27 Oct 2026 01:49:52 PM (IST)
रायपुर में अनाथ नाबालिग से दुष्कर्म। (फाइल फोटो)HighLights
- रायपुर पॉक्सो कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में सख्त सजा सुनाई।
- अनाथ नाबालिग से बड़े पिता और जीजा ने किया अनाचार।
- दोनों दोषियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। अनाथ नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में रायपुर की प्रथम फास्ट ट्रैक विशेष पाक्सो अदालत ने पीड़िता के बड़े पिता और जीजा को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अच्छेलाल काछी की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अर्थदंड से भी दंडित किया। अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सात लाख रुपये मुआवजा देने की अनुशंसा की है।
माता-पिता की मौत के बाद बड़े पिता के घर रह रही थी
अभियोजन के अनुसार, माता-पिता की मौत के बाद किशोरी डीडी नगर थाना क्षेत्र में अपने बड़े पिता के घर रह रही थी। जुलाई 2022 में बड़े पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बारे में किसी को बताने पर उसे फांसी पर लटकाने की धमकी भी दी। इसके बाद रीवा (मध्य प्रदेश) से आने वाले उसके जीजा ने भी उसके साथ लगातार अनाचार किया।
गर्भवती होने पर भाई को बताई घटना
- दोनों आरोपियों के शोषण के कारण किशोरी गर्भवती हो गई। मई 2024 में उसने अपने सगे भाई को आपबीती बताई। इसके बाद भाई की शिकायत पर डीडी नगर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले की जांच के दौरान पीड़िता का एम्स रायपुर में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, जहां उसके 10 सप्ताह से अधिक की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।
- मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पीड़िता को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सात लाख रुपये प्रतिकर देने की अनुशंसा की, ताकि उसके पुनर्वास में मदद मिल सके।