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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रायपुर में 150 लोगों के दस्तावेज नहीं मिले दुरुस्त… बांग्लादेशी, रोहिंग्या होने की आशंका

‘ऑपरेशन समाधान’ के तहत पुलिस ने संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की है। आशंका जताई जा रही है कि ये बांग्लादेशी नागरिक या रोहिंग्या हैं। उनके मोबाइल नंबर से...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Sat, 01 Feb 2025 12:42:45 PM (IST)Updated Date: Sat, 01 Feb 2025 05:57:18 PM (IST)
रायपुर में 150 लोगों के दस्तावेज नहीं मिले दुरुस्त… बांग्लादेशी, रोहिंग्या होने की आशंका
सुबह 4 बजे से पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों को पकड़ा था।

HighLights

  1. शहर के आसपास के संदिग्धों को पकड़कर सत्यापन कर रही है पुलिस।
  2. गुरुवार को लगभग दो हजार लोगों को लाइन हाजिर कर की गई जांच।
  3. सभी फिलहाल खमतराई, टिकरापारा और उरला थाना क्षेत्र में रह रहे हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी पुलिस ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन समाधान’ के तहत दूसरे राज्यों से आए दो हजार से ज्यादा लोगों की तस्दीकी की है। यह कार्रवाई रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों की पतासाजी करने के लिए की गई है। इसमें करीब 150 ऐसे बाहरी प्रदेश के लोगों का पता चला है, जो पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश बॉर्डर के हैं।

पुलिस को इनके दस्तावेज भी दुरुस्त नहीं मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये बांग्लादेशी नागरिक या रोहिंग्या हैं। उनके मोबाइल नंबर से भी तकनीकी जांच की जा रही। तकरीबन तीन माह की जानकारी जुटाई जा रही है।


उरला, टिकरापारा और खमतराई में संदिग्ध

पुलिस ने जिन 150 संदिग्धों की पहचान की है, वे सभी खमतराई, टिकरापारा और उरला थाना क्षेत्र में निवासरत बताए जा रहे हैं। ये ऑटो चलाने के साथ मजदूरी करने का काम करते हैं। चिह्नांकित संदिग्धों के ऊपर पुलिस कड़ी निगरानी रखने की बात कह रही है।

कब से रह रहे, जानकारी नहीं

दूसरे राज्य के लोगों ने पूछताछ में पुलिस को महज एक-दो साल पूर्व आने की जानकारी दी है। ये यहां कब से हैं, पुलिस को इसकी सही जानकारी नहीं है। ज्यादातर संदिग्धों ने हाल के वर्षों में रायपुर आने की जानकारी पुलिस को दी है। अब आगे की जांच जारी है।

बता दें कि राजधानी पुलिस ने समाधान ऑपरेशन के तहत दूसरे राज्यों से आए संदिग्धों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को रायपुर के अलग-अलग क्षेत्रों में सुबह चार बजे छापामार कर पुलिस कुल 2,013 लोगों को उठाकर पुलिस लाइन लेकर आई थी, जहां एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह की मौजूदगी में सभी से पूछताछ कर उनके बारे में जानकारी ली गई थी।

संदिग्ध लोगों पर विशेष निगरानी है। संदिग्धों के आधार कार्ड के माध्यम से उनके मूल स्थान से अपराधिक रिकार्ड की जानकारी मंगाई जाएगी। - डॉ. लाल उम्मेद सिंह, एसएसपी, रायपुर

224 संदिग्धों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

गुरुवार को रायपुर के अलग-अलग क्षेत्रों में सुबह चार बजे छापा मारा। पुलिस कुल 2,013 लोगों को उठाकर पुलिस लाइन लेकर आई, जहां एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह की मौजूदगी में सभी से पूछताछ कर उनके बारे में जानकारी ली गई।

इस दौरान 224 संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। इनमें से एक व्यक्ति के खिलाफ उसके राज्य में अपराध पंजीबद्ध और एक व्यक्ति पर रायपुर के थाने में अपराध दर्ज पाया गया। पुलिस ने 200 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों को भी डी-एक्टिवेट कराया है।

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तड़के चार बजे अभियान चलाया गया

एएसपी सिटी लखन पटले ने बताया कि दूसरे प्रदेश से आए लोगों की तस्दीक तड़के चार बजे से अभियान चलाया गया। आपरेशन दोपहर एक बजे तक जारी रहा। इसमें 350 पुलिस के जवान शामिल थे। पुलिस लाइन लाने के लिए शहर के 21 थानों में 84 बसों की व्यवस्था पुलिस लाइन से की गई थी। तस्दीक करने की कार्रवाई लीक न हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए बसों को बुधवार देर रात थानों के लिए रवाना किया गया था।

इन राज्य के लोग मिले

पश्चिम बंगाल 394
उत्तर प्रदेश 571
बिहार 320

ओडिशा

184
महाराष्ट्र 110

मध्य प्रदेश

273

राजस्थान

54
जम्मू-कश्मीर 4

झारखंड

71
नागालैंड 1

गुजरात

17
नेपाल 7
दिल्ली 7

आधार कार्ड की जांच

दूसरे राज्यों के जिन लोगों को पुलिस लाइन लेकर लाया गया, वहां चिप्स की मदद से लाए गए लोगों के आधार कार्ड के साथ उनके मोबाइल नंबर का मिलान किया गया। जिनका आधार कार्ड मैच नहीं हो रहा था, उन्हें संदिग्ध मानते हुए उनकी अन्य पहचान पत्रों की जांच की गई। अब उनकी आगे कार्रवाई की जाएगी।

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पांच प्रतिशत ने दी थी थाने में जानकारी

जिन लोगों को पुलिस लेकर आई थी, उसमें से केवल पांच प्रतिशत ने ही थाने में जानकारी दी थी। 95 प्रतिशत लोगों की जानकारी पुलिस के पास नहीं है। दूसरे प्रदेश के लोगों की सूची तैयार की है। उनका एसएस रोल जारी कर आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने संबंधित राज्यों की पुलिस के पास जानकारी जुटाने की बात पुलिस कह रही है।