रायपुर की राशन दुकानों में शक्कर की भारी किल्लत, 470 टन मासिक चीनी की जरूरत, मिली महज 60 टन
रायपुर और प्रदेश की राशन दुकानों में शक्कर का भारी संकट है। अक्टूबर में सिर्फ 14% आपूर्ति हुई, जिससे 86% कार्डधारी वंचित रहे। कारखानों में स्टॉक खत्म होने से समस्या बढ़ी।
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 10:10:14 AM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 10:10:14 AM (IST)
रायपुर की राशन दुकानों में शक्कर की भारी किल्लत। (एआई जनरेटेड)HighLights
- रायपुर की राशन दुकानों में शक्कर का भारी संकट।
- अक्टूबर में 470 की जगह सिर्फ 60 टन आपूर्ति।
- जिले के 86 प्रतिशत कार्डधारी सरकारी शक्कर से वंचित।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर : राशन दुकानों पर चावल तो मिल रहा है, लेकिन शक्कर नहीं मिलने से हितग्राही परेशान हैं। किसी को महीनेभर का राशन मिल गया है तो किसी की शक्कर की आस अब भी अधूरी है। हैरानी यह है कि अक्टूबर खत्म हो चुका है, लेकिन रायपुर जिले में जरूरत की तुलना में शक्कर का भंडारण सिर्फ 14 प्रतिशत ही हो पाया है।
जिले की 719 उचित मूल्य की दुकानों के लिए हर महीने करीब 470 टन शक्कर की जरूरत होती है, लेकिन अक्टूबर में महज 60 टन ही पहुंची। नतीजा यह कि करीब 86 प्रतिशत राशन कार्डधारी सरकारी शक्कर से वंचित रह गए। शक्कर की यह किल्लत दुकानदारों की लापरवाही से नहीं, बल्कि आपूर्ति व्यवस्था में आई रुकावट से पैदा हुई है।
नागरिक आपूर्ति निगम के मुताबिक कारखाने से करीब 10 दिन पहले दो ट्रक में 60 टन शक्कर भेजी गई थी। इसे रायपुर और आरंग क्षेत्र की दुकानों में वितरित कराया गया। मांग के मुकाबले मात्रा इतनी कम थी कि अधिक से अधिक दुकानों तक थोड़ी-थोड़ी शक्कर पहुंचाने की व्यवस्था करनी पड़ी। इसके बावजूद अधिकांश हितग्राहियों को उनका पूरा कोटा नहीं मिल पाया।
दूसरे जिलों में भी संकट
समस्या रायपुर तक सीमित नहीं है। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी सहकारी शक्कर कारखानों से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त भंडारण नहीं हो पाया है। कई जिलों में 80 से 85 प्रतिशत तक कार्डधारियों को शक्कर नहीं मिल सकी है। इससे परिवारों को अब बाजार से अधिक कीमत पर खरीदारी करनी पड़ रही है।
- अक्टूबर का कोटा अधूरा, नवंबर में भी शक्कर की किल्लत के आसार
- कारखानों में स्टाक खत्म राशन दुकानों तक नहीं पहुंची शक्कर
कारखाने से 60 टन शक्कर भेजी गई है
कारखाने से 60 टन शक्कर भेजी गई है। इसे रायपुर और आरंग की उचित मूल्य दुकानों में भंडारण कराकर हितग्राहियों को वितरित किया गया है। त्रिनाथ रेड्डी, डीएम नागरिक आपूर्ति निगम, रायपुर
छूटा हुआ कोटा मिलेगा या हो जाएगा लैप्स
- सबसे बड़ी चिंता उन कार्डधारियों की है, जिन्हें अक्टूबर की शक्कर अब तक नहीं मिली। महीने की समाप्ति के बाद राशन वितरण पोर्टल पर पिछले महीने के कोटे का विकल्प बंद हो जाता है। ऐसे में जिन हितग्राहियों को शक्कर नहीं मिली, उनका बचा हुआ कोटा आगे मिल पाएगा या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
- नवंबर के लिए भी अब तक आवंटन नहीं होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में नवंबर में भी शक्कर वितरण सामान्य होने की उम्मीद कम नजर आ रही है।
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महीने का कोटा आया नहीं 20 दिनों तक वितरण ठप
- शक्कर संकट की शुरुआत महीने के पहले दिन से ही हो गई थी। उचित मूल्य दुकानों के लिए हर महीने का आवंटन पिछले महीने जारी किया जाता है। अक्टूबर के लिए सितंबर में ही शक्कर का आवंटन होना था, लेकिन सहकारी शक्कर कारखानों में स्टाक खत्म होने के कारण आपूर्ति नहीं हो सकी।
- परिणामस्वरूप अक्टूबर की शुरुआत से करीब 20 तारीख तक दुकानों में शक्कर वितरण प्रभावित रहा। बाद में जो 60 टन शक्कर पहुंची, वह भी जिले की कुल जरूरत के मुकाबले बहुत कम थी।
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