
सतीश पांडेय, रायपुर (नईदुनिया)। महानगरों की भांति रायपुर बड़े आकार की ओर अग्रसर है। ग्राम एवं नगर निवेश विभाग ने मास्टर प्लान-2041 तैयार किया है। इसके अनुसार, निगम की सीमा से सटे 65 गांवों को निगम का भाग बनाने का प्रस्ताव है। यदि ऐसा होता है तो इन गांवों की करीब 50 लाख जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में आ जाएगी।
लोगों को शहर की भांति अच्छी सड़क, बिजली, पानी समेत अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नवा रायपुर इलाके के ज्यादातर गांवों को 2041 के मास्टर प्लान में रखा गया है। गांवों को प्लानिंग एरिया और निगम में शामिल करने की काफी लंबे समय से मांग हो रही थी। मास्टर प्लान में शामिल करने के बाद गांवों में अव्यवस्थित विकास जैसे अवैध प्लाटिंग पर शत-प्रतिश्ात रोक लग जायेगी।
फैक्ट फाइल
मास्टर प्लान-2041 में संभावित आबादी 40 से 50 लाख
वर्तमान मास्टर प्लान में शहर का फैलाव 259 वर्ग किमी
नए मास्टर प्लान के मुताबिक 503 वर्ग किमी
मास्टर प्लान-2021 में शामिल किए थे 41 गांव
मास्टर प्लान- 2041 में शामिल होंगे 65 नए गांव
जनगणना के बाद काम में आएगी तेजी
शहर से लगे धरसींवा, नए-पुराने धमतरी रोड, मंदिर हसौद और दोंदेकला तक आने वाले गांवों में बिना नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की अनुमति के बिना निर्माण पर रोक लगी हुई है। वहीं, सेजबहार, डूंडा, मुजगहन, दतरेंगा,नवा रायपुर और पुराना धमतरी रोड पर रियल एस्टेट की कई योजनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। अफसरों के अनुसार, नए मास्टर प्लान में लैंडयूज तय कर लिया गया है। लैंडयूज के अनुसार ही आवासीय क्षेत्रों में मकान बनाया जा सकेगा। मास्टर प्लान में सड़कों का खाका भी तैयार किया जा रहा है। जनगणना के बाद मास्टर प्लान के काम में तेजी आयेगी।
बिना अनुमति निर्माण पर रोक
नगर एवं ग्राम निवेश ने जिन 65 गांवों को प्लानिंग एरिया में शामिल करने के लिए चुना है, वहां अनुमति के बिना बड़े निर्माण पर रोक लगी हुई है। अधिकारियों के अनुसार लैंडयूज तय होने के बाद गलत निर्माण होने पर उसे नष्ट किया जा सकता है। प्लानिंग एरिया में शामिल गांवों में सभी तरह के निर्माण के लिए नगर एवं ग्राम निवेश की अनुमति आवश्यक है। ग्राम पंचायतों को अनुमति का अधिकार नहीं है।
मास्टर प्लान में ये गांव होंगे शामिल
तिवरैया, धरसींवा, बरोदा, सिलतरा, सांकरा, धनेली-1- बिलासपुर और दुर्ग रोड के बीच-गोमाची, हथबंद, तेंदुवा, गुमा, बाना, कारा, बोरझरा, बेंदरी, उरला, पठारीडीह, अछोली-2, कन्हेरा, कुम्हारी, निमोरा-1, सोंडरा, मुनरेठी, परसतराई, चिखली, बहेसर,सड्डू, आमासिवनी, कचना, सांकरा-3, बरौंदा, सेमरिया, दोंदेखुर्द, दोंदेकला,परसुलडीह, भुरकोनी, लालपुर, छपोरा, मटिया, बरबंदा, टोर, मातर, गिरौद, नेउरडीह, टांडा, अकोली, नगरगांव, मोहदी, गोधी, गिधौरी- बलौदाबाजार और आरंग रोड के बीच-पिस्दा, तुलसी, सेजबहार, मुजगहन, खिलोरा, कांदुल, दतरेंगा, काठाडीह, डोमा,बोरियाकला, धनेली, भटगांव, धुसेरा, सिवनी, सिंगारभाठा।
यह मिलेगा लाभ
- आसपास के क्षेत्रों का सुव्यवस्थित विकास होगा तो राजधानी में दबाव कम होगा।
- मूलभूत सुविधाओं का विकास व विस्तार करने में सरकारी एजेंसियों को सहूलियत होगी।
- आवास, व्यवसायिक, आमोद-प्रमोद समेत अन्य उपयोग के लिए क्षेत्र तय कर दिए जाएंगे।
- अव्यवस्थित विकास में सड़कें नहीं बन पातीं, मास्टर प्लान से चौड़ी सड़कें बन पाएंगी।
- डूमरतराई की तर्ज पर अलग-अलग थोक कारोबार के लिए बाजार तय किए जा सकेंगे।
पिछले मास्टर प्लान से इस बार बनाया जा रहा मास्टर प्लान आकार में तीन गुना बड़े क्षेत्र का है। आने वाले दिनों में विकास योजना समिति की बैठक में आने वाले सुझाव को भी शामिल किया जायेगा। इतनी बड़ी आबादी के लिहाज से स्कूल, अस्पताल, पार्क, खेल मैदान, बाजार, पार्किंग सभी की जरूरतों को देखते हुए बेस प्लान बनाकर तैयार किया गया है। -संदीप बागड़े, संयुक्त संचालक,नगर एवं ग्राम निवेश विभाग