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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार के रेड लाइट एरिया में रेस्क्यू, बरामद 41 किशोरियों में चार रायपुर की

मानव तस्करी से जुड़े गिरोह के लोगों ने काम के बहाने पहले मोटी रकम का लालच दिया और फिर नाच-गाना पार्टियों में शामिल कर लिया। बाद में उन्हें देह व्यापार...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Mon, 10 Mar 2025 11:19:33 AM (IST)Updated Date: Mon, 10 Mar 2025 11:19:33 AM (IST)
बिहार के रेड लाइट एरिया में रेस्क्यू, बरामद 41 किशोरियों में चार रायपुर की

HighLights

  1. रोहतास पहुंची पुलिस, छत्तीसगढ़ की कई लड़कियों को छुड़ाया।
  2. रायपुर के टिकरापारा इलाके की रहने वाली हैं चारों किशोरियां।
  3. बचाई गई लड़कियों में सबसे ज्यादा 10 राजनांदगांव की रहने वाली।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। बिहार के रोहतास जिले में स्थित रेड लाइट एरिया से हाल ही में पुलिस द्वारा रेस्क्यू की गई 41 किशोरियों में चार लड़कियां रायपुर के टिकरापारा इलाके की हैं। इन लड़कियों को रेस्क्यू करने के लिए एएसपी सिटी पश्चिम दौलतराम पोर्ते के नेतृत्व में रायपुर पुलिस की एक टीम रोहतास पहुंची है।

किशोरियों के स्वजन ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटियां काम की तलाश में पहले भी बिहार समेत अन्य राज्यों में जा चुकी हैं। स्वजन के अनुसार, मानव तस्करी से जुड़े गिरोह के लोगों ने काम के बहाने पहले मोटी रकम का लालच दिया और फिर नाच-गाना पार्टियों में शामिल कर लिया।


इसके बाद उन्हें झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया गया। कुछ समय बाद देह व्यापार से जुड़े रैकेट के हाथों बेच दिया गया।

घूमंतु समुदाय से जुड़ी हैं युवतियां

पुलिस के अनुसार, रेस्क्यू की गई युवतियां घूमंतु देवार जाति से हैं। इनके परिवार का जीवन स्तर निम्न है और वे कबाड़ का काम करने के साथ ही कचरा बीनने का काम करते हैं। पुलिस अब इस मामले में गहराई से जांच कर रही है कि इन लड़कियों को किसी मानव तस्करी करने वाले गिरोह ने अपने जाल में फंसाकर तो नहीं ले गया था।

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तस्कर भेजते थे बिहार

पुलिस के अनुसार, छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों में ऐसे गिरोह सक्रिय हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की लड़कियों की तलाश करते हैं। फिर उनके परिजन को फंसाते हैं। उन्हें 15-20 हजार रुपये तत्काल दे देते हैं। बच्चियों को ले जाकर बिहार सहित अन्य राज्यों में बेच देते हैं।

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तस्करी में कौन, उसकी तलाश में जुटी पुलिस

अब पुलिस इस संबंध में और जानकारी जुटाने के प्रयास में है और लड़कियों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इससे इस मानव तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश हो सकेगा। पुलिस तस्करों की तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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सबसे ज्यादा राजनांदगांव की हैं लड़कियां

बिहार पुलिस ने जिन लड़कियों का रेस्क्यू किया है। उसमें सबसे ज्यादा राजनांदगांव की 10 लड़कियां हैं। रायपुर, मुंगेली, बलौदाबाजार की चार-चार लड़कियां हैं। दुर्ग, बेमेतरा, जांजगीर-चांपा की तीन-तीन हैं। बिलासपुर की दो और कोरबा व बालोद की एक-एक लड़कियां हैं। इसके अलावा कुछ और जिलों के नाबालिग मिले हैं, जो पता नहीं बता पा रहे हैं।