
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों के स्वजन के लिए सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह बनाए जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में गुरुवार को मंत्रालय में चिकित्सा शिक्षा विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच एमओयू किया गया।
योजना के पहले चरण में रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर के मेडिकल कॉलेजों को चुना गया है। शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती ठहरने की होती है। मरीज वार्ड में भर्ती रहते हैं लेकिन स्वजन अस्पताल के गलियारों, सीढ़ियों या खुले आसमान के नीचे रातें गुजारने को मजबूर होते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आश्रय स्थलों के निर्माण, सजावट और रोजमर्रा के संचालन का पूरा जिम्मा संस्था उठाएगी। विश्राम गृहों में लोगों के लिए 24 घंटे सुरक्षा, सीसीटीवी की निगरानी, साफ-सुथरा भोजन और एक बेहतर माहौल सुनिश्चित किया जाएगा। एमओयू के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री खुशवंत साहेब , स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त रितेश अग्रवाल आदि मौजूद थे।
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इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं अपनों के साथ और सुकून से भी होता है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को नया विस्तार मिलने जा रहा है। एमआेयू के तहत राज्य के मेडिकल कालेजों में मरीजों के स्वजन के लिए बेहतर और सुविधाजनक विश्राम गृह बनेंगे जो नो प्रॉफिट-नो लास के आधार पर संचालित होंगे।
-श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर इलाज उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि मरीजों के साथ आने वाले स्वजन की सुविधा का भी ख्याल रखना है। विश्राम गृहों के माध्यम से स्वजन को सम्मानजनक आवास, भोजन और बुनियादी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मानवता और संवेदना का समन्वय और सुदृढ़ होगा।
-विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री