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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Raipur AIIMS में 6 सितंबर से शुरू होगी Robotic Surgery, इन बीमारियों के मरीजों का मिलेगा लाभ

रायपुर स्थित एम्स में आगामी 6 सितंबर से रोबोटिक सर्जरी की प्रक्रिया शुरू हो दाएगी। इसके लिए अत्याधुनिक माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर पूरी तरह तैयार है। मुख्य...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Fri, 15 Aug 2025 11:32:46 AM (IST)Updated Date: Fri, 15 Aug 2025 11:38:41 AM (IST)
Raipur AIIMS में 6 सितंबर से शुरू होगी Robotic Surgery, इन बीमारियों के मरीजों का मिलेगा लाभ
रायपुर एम्स में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: राजधानी रायपुर स्थित एम्स में चिकित्सा सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। इसी कड़ी में 6 सितंबर से अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जा रही है। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। यह सुविधा प्रदेश के किसी भी शासकीय संस्थान में पहली बार उपलब्ध हो रही है।

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एम्स प्रबंधन ने बताया कि अत्याधुनिक माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर पूरी तरह तैयार है, जिसमें न्यूरो सर्जरी, सर्जरी, गायनिक, ईएनटी और नेत्र रोग विभागों से इसकी शुरुआत की जाएगी। भविष्य में अन्य विभागों में भी इसका विस्तार होगा। यह सुविधा न केवल रोगियों के लिए लाभकारी होगी, बल्कि आगामी पीढ़ी के सर्जनों को मिनिमली इनवेसिव और प्रिसिजन बेस्ड तकनीकों में प्रशिक्षण देने के लिए एक उत्कृष्ट केंद्र बनेगी।


ऐसे काम करती है यह तकनीक

बता दें कि रोबोटिक सर्जरी एक आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीक है। सर्जन एक विशेष कंसोल के माध्यम से रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित करता है, जिससे अत्यधिक सटीकता, लचीलापन और नियंत्रण प्राप्त होता है। यह प्रणाली थ्रीडी उच्च गुणवत्ता वाला दृश्य प्रदान करती है और हाथों के कंपन को समाप्त करती है। इससे सीमित स्थानों में भी जटिल सर्जरी संभव हो पाती है। यह तकनीक विशेष रूप से मूत्ररोग, स्त्री रोग और आंत्र सर्जरी जैसे क्षेत्रों में लाभकारी है, जहां पारंपरिक सर्जरी में तकनीकी चुनौतियां होती हैं।

कम चीरा व रक्तस्राव और तेज रिकवरी

विशेषज्ञों के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी में सर्जन कंप्यूटर मानीटर से रोबोटिक हाथों को नियंत्रित करते हैं, जिससे अत्यधिक सटीकता और स्थिरता मिलती है। इससे छोटे चीरे, कम रक्तस्राव, न्यूनतम दर्द और तेज रिकवरी संभव होती है। जटिलताओं का खतरा भी कम होता है। यह तकनीक प्रोस्टेट, गर्भाशय, आंत्र, लिवर, रीनल ट्रांसप्लांट, न्यूरो व अन्य अंगों की सर्जरी में कारगर है।

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मुख्यमंत्री साय को किया गया आमंत्रित

एम्स के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) और उप निदेशक (प्रशासन) लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह चौहान ने बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भेंट कर रोबोटिक सर्जरी सुविधा के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि बनने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकार करते हुए एम्स द्वारा उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की।

रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत एम्स के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे छत्तीसगढ़ समेत आसपास के राज्यों के लोगों को स्थानीय स्तर पर विश्व स्तरीय सर्जिकल देखभाल प्राप्त होगी।

-लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), निदेशक, एम्स