• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्‍तेमाल पर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का बड़ा बयान, बोले- धर्म स्थलों पर शांति से हो पूजा

पुरी पीठ में मेरे मठ में पूजा अर्चना मंत्र शांतिपूर्ण ढंग से किया जाता है। लाउडस्पीकर पर शोर करके दूसरों को क्यों परेशान करना।

By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Fri, 17 Jun 2022 01:39:58 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Jun 2022 01:39:58 PM (IST)
धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्‍तेमाल पर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का बड़ा बयान, बोले- धर्म स्थलों पर शांति से हो पूजा
Shankaracharya Swami Nischalanand Saraswati

रायपुर। रायपुर। पुरी पीठ में मेरे मठ में पूजा अर्चना मंत्र शांतिपूर्ण ढंग से किया जाता है, किसी को परेशानी नहीं होती। लाउड स्पीकर पर शोर करके दूसरों को क्यों परेशान करना। यह कहना है पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का। नईदुनिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि धर्मस्थल कोई भी हो वहां लाउड स्पीकर पर शोरशराबा करके पूजा करने का क्या औचित्य है।

राजधर्म ही राजनीति है, सर्वजन सुखाय के लिए नेता राजनीति करें, व्यक्तिगत स्वार्थ को हावी न होने दें। देश में बदलाव आ रहा है। हिंदू जाग रहा है। 15 देश चाहते हैं, कि वे हिंदू राष्ट्र बनें, लेकिन भारत की ओर ताक रहे हैं। पहले भारत हिंदू राष्ट्र बने, आज नहीं तो कल भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा।


शंकराचार्य महाराज ने कहा कि राजनीति, धर्म की सीमा, मर्यादा के अंतर्गत की जानी चाहिए। धर्म की सीमा का अतिक्रमण करके राजनीति नहीं की जानी चाहिए। वर्तमान में राजनीति के नाम पर गलत हो रहा है। सर्वधर्म यानी मानव धर्म के हित का ध्यान रखा जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें : धर्मसभा में बोले स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज- साढ़े तीन वर्षों में हिंदू राष्ट्र बन जाएगा भारत

हम अपने लिए जैसा व्यवहार चाहते हैं, वैसा ही व्यवहार दूसरों से करना चाहिए। भेदभाव न पालें, कटु वचन न बोलें। द्वेष की भावना न रखें। झूठ की राजनीति न हो, आज कुछ बोला और कल कुछ, यह जनता के साथ छलकपट है।

वैदिक आर्य हिंदू थे, हिंदुओं को जो लोग काफिर कहते हैं, वे अपने पूर्वजों को गाली देते हैं। वाणी ऐसी बोलें जो मधुर हो। किसी का दिल न दुखाएं। सनातन धर्म में हर वस्तु को महत्व दिया गया है, कोई चीज फालतू नहीं है।

शंकराचार्य महाराज ने कहा कि काशी, मथुरा हिंदुओं का है तो उसे हिंदुओं को सौंपना ही चाहिए। जो हिंदू नेता दबी जुबान में कहते हैं, उन्हें खुलकर बोलना चाहिए। उनके शरीर में हिंदुओं के लक्षण होने चाहिए। अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें। युवा दिशाहीन न हो इसलिए संस्कार जरूरी है। युवा रोजगार के लिए किसी के भरोसे न रहे, खुद में आत्मविश्वास रखकर मर्यादित जीवन जीते हुए आगे बढ़े।

यह भी पढ़ें : Video: जब शादी समारोह में पहुंचे विधायक बजाने लगे नगाड़ा, वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल

महाराज ने कहा कि साईं बाबा के नाम पर मंदिरों से देवी देवताओं की प्रतिमा को किनारे करके साईं बाबा को मुख्य स्थान देना गलत है। कोई किसी भी कुल में पैदा हुआ हो, उसके कुल की जानकारी देनी चाहिए। छुपाने से क्या मतलब है, यह तो भक्तों के साथ धोखा है।

महाराज ने कहा कि वे किसी पार्टी, संगठन की पैरवी नहीं करते। जो गलत करे, उसे सजा मिले। मैं धर्म के साथ खड़ा हूँ और हमेशा रहूँगा। पार्टी कोई भी हो उसे हिंदू धर्म का झंडा उठाकर चलना चाहिए। हमने तो पहले भी मक्का में मक्केश्वर महादेव की पूजा करने और उस पर हिंदुओं का अधिकार होने की बात कही है। मस्जिद में शिवलिंग है तो उसकी जांच होनी चाहिए।

मस्जिदों से लाउड स्पीकर पर अजान क्यों होनी चाहिए। दूसरों को परेशान क्यों करना। सादगी से इबादत हो।

जगन्नाथपुरी यात्रा पर सरकार ने कोरोना में प्रतिबंध लगाया था। हमने लड़ाई लड़ी और परंपरा को न रोकने अपील की। कोर्ट ने बात सुनी और अनुमति दी।

सनातन संस्कृति का अपना न्यायालय होना चाहिए। शासन तंत्र को धर्म पर रोक लगाने का हक नहीं है।

पैगम्बर मोहम्मद साहब पर एक महिला के बयान पर कहा कि कोई भी बात जिससे दूसरों का दिल दुखे, ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए। देशभर में बवाल मचे ऐसा बयान नहीं देना चाहिए।