• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धर्मसभा में बोले स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज- साढ़े तीन वर्षों में हिंदू राष्ट्र बन जाएगा भारत

रायपुर में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि भारत आगामी साढ़े तीन वर्षों में हिंदू राष्ट्र बन जाएगा।

By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Fri, 17 Jun 2022 10:08:03 AM (IST)Updated Date: Fri, 17 Jun 2022 10:08:03 AM (IST)
धर्मसभा में बोले स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज- साढ़े तीन वर्षों में हिंदू राष्ट्र बन जाएगा भारत

रायपुर।(नईदुनिया प्रतिनिधि)। गोवर्धन मठ जगन्नााथपुरी के पीठाधीश्वर जगत गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल आडिटोरियम में विशाल धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत आगामी साढ़े तीन वर्षों में हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। विभाजन के बाद भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में घोषित न करना शासन व राजनीतिक दलों की दिशाहीनता है।

शंकराचार्य ने कहा- हमने सोच-समझकर ही कहा है कि भारत साढ़े तीन वर्षों में हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। आप समीक्षा कीजिए, देखते रहिए, सहभागिता का परिचय दीजिए। उन्होंने राजनेताओं पर तीखी टिप्पणी की। कहा कि भारत में नेता धर्म और नीति को नहीं समझते। देश में राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन राजनीति की परिभाषा से वे परिचित नहीं हैं। जिन राजनेताओं को राजनीति की परिभाषा का भी ज्ञान नहीं है, उनसे हम क्या आशा रख सकते हैं कि वे देश को प्रतिष्ठित, सुरक्षित, संपन्ना करेंगे, सीमापरायण समाज की संरचना करेंगे?


यह भी पढ़ें : सीएम बघेल ने नक्सल प्रभावित बंद 260 स्कूलों का खोला द्वार तो बच्चों ने कहा 'धन्यवाद कका

कूटनीति का नाम राजनीति नहीं है

उन्माद का नाम, सत्ता भोग का नाम, फूट डालो और राज करो की कूटनीति का नाम राजनीति नहीं है। राजनीति का अर्थ होता है नीतियों में सर्वोत्कृष्ट, जिसके द्वारा व्यक्ति और समाज को सुबुद्ध, स्वावलंबी, सुसंस्कृत बनाया जा सके। उन्माद, अदूरदर्शिता का नाम राजनीति नहीं है। महाभारत, मत्स्यपुराण, अग्नि पुराण आदि में कहा गया है कि राजनीति का दूसरा नाम है राजधर्म। नीति और धर्म पर्यायवाची शब्द हैं।

हिंदू या सनातनी कौन-सा शब्द बेहतर है

शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू आज कहने लगे हैं, पहले तो सनातनी ही कहते थे। सनातनी, वैदिक, आर्य, हिंदू चारों का प्रयोग कर सकते हैं। हिंद महासागर, हिंदकुट, हिंदी, हिंदू ये सब प्राचीन शब्द हैं। पुराण, ऋग्वेद में भी हिंदू शब्द का प्रयोग है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हिंसा कहीं भी हो, हम उसका समर्थन नहीं करते।