Shri Ram- Janki Vivah: श्रीराम से विवाह रचाने के पहले माता जानकी को लगाई हल्दी, महिलाओं ने गाए गीत
Shri Ram- Janki Vivah: भजन-कीर्तन के साथ विविध रस्में निभाई जाएंगी। श्रीराम की प्रतिमा का शृंगार दूल्हा के रूप में किया जाएगा। ...और पढ़ें
By Himanshu SharmaEdited By: Himanshu Sharma
Publish Date: Tue, 15 Dec 2020 04:42:44 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Dec 2020 04:42:44 PM (IST)

रायपुर। Shri Ram- Janki Vivah: राजधानी के पुरानी बस्ती बनियापारा में स्थित गोपीदास मठ मंदिर में श्रीराम के संग माता जानकी का विवाह रचाने के लिए मंगलवार को हल्दी रस्म निभाई गई। पांच दिवसीय विवाहोत्सव के तहत महिलाओं ने भजन और विवाह गीत गाये। श्रीराम-माता को हल्दी लगाने की रस्म 18 दिसंबर तक निभाई जाएगी। 19 दिसंबर को दोपहर विवाह की वरमाला पहनाकर महा आरती की जाएगी। इसके पश्चात साधु, संतों, भक्तों को प्रसादी भोजन करवाया जाएगा।
40 साल पहले शुरू हुआ विवाहोत्सव का आयोजन
श्री गोपीदास मठ, राम जानकी मंदिर सेवा समिति के संयोजक महंत राजीव नयन शरण महाराज ने बताया मंदिर में 40 साल पहले महंत स्व. रामअभिलाष दास ने अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर सीताराम विवाहोत्सव का आयोजन शुरू किया था। इसके बाद से हर साल विवाह की परंपरा निभाई जा रही है।
इस बार बारात नहीं
कोरोना नियमों का पालन करते हुए इस साल बारात नही निकाली जाएगी। मंदिर परिसर में ही बाराती बने भक्त भजन कीर्तन करके महा आरती करेंगे।
पंचमी को हुआ था माता जानकी का विवाह
मान्यता है कि अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन श्रीराम-सीता का विवाह हुआ था। इस साल पंचमी तिथि 19 दिसंबर को पड़ रही है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में श्रीराम-सीता, लक्ष्मण की प्रतिमाओं का अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा। पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन के साथ विविध रस्में निभाई जाएंगी। श्रीराम की प्रतिमा का शृंगार दूल्हा के रूप में किया जाएगा।
नवान्ह परायण में रमे भक्त
मंदिर परिसर में नवान्ह परायण शुरू हो चुका है। प्रतिदिन दोपहर 12 से 2 बजे तक श्रीराम सीता के भक्ति गीत गाए जा रहे हैं। इसके बाद महिलाएं हल्दी लगाने की रस्म निभा रही हैं। 18 दिसंबर को नवान्ह परायण के साथ ही हल्दी रस्म का समापन होगा। इसके अगले दिन विवाह में भक्तिभाव छाएगा।